पृष्ठ:अद्भुत आलाप.djvu/४६

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अद्भुत आलाप


गेट्स इस घड़ी के सामने खड़ा था। पर मोरले की दृष्टि से वह लोप था; अथवा वह पारदर्शक हो गया था!

इसके बाद मोरले से एलिस बातें करने लगा, और गेट्स तथा फेल्टन जरा देर के लिये कमरे के बाहर चले गए। बाहर जाकर उन्होंने अपने कोट परस्पर बदल डाले। फ़ेल्टन ने गेट्स का कोट पहना और गेट्स ने फ़ेल्टन का। यह करके वे फिर कमरे के भीतर आए। गेट्स ने क्या किया कि फ़ेल्टन का कोट पहने हुए वह कमरे में इधर-उधर घूमने लगा। यह उसने इसलिये किया, जिसमें मोरले की नज़र उस पर पड़े। मोरले इस समय एलिस से बातें कर रहा था। पर गेट्स को देखते ही वह क़ह-क़हा मारकर हँस पड़ा। उसने गेट्स को तो न देखा, पर फ़ेल्टन के कोट को, जो गेट्स के बदन पर था, देख लिया। जब मोरले की हँसी रुकी, तब एलिस ने पूछा, मामला क्या है? क्यों इतने ज़ोर से हँसे? उसने कहा, अजी, वह कोट निराधार आकाश में उड़ रहा है! क्या तुम्हें वह नहीं देख पड़ता? तुम अजब आदमी हो। क्या तुम अंधे हो? मतलब यह कि मोरले ने गेट्स को तो नहीं देखा, क्योंकि पूर्व वासना के अनुसार वह उसकी दृष्टि से अदृश्य हो चुका था, उसे उसने देख लिया। इसी से उसको कोट निराधार मालूम हुआ। तब उसका ध्यान फ़ेल्टन की तरफ़ आकृष्ट किया गया। उसने गेट्स का कोट पहन रक्खा था। वह कोट मोरले को नहीं देख पड़ा। मोरले ने फ़ेल्टन को सिर्फ कमीज़ पहने देखा।