मीरममा प्रहर सगी निस्तो इस विषय का भेष मीरखमला श्रेया विटने अपूर्व पपता से सैन्य-समासन किया था। पठ माद उतने महापापी मान में पदापर पुतारों को भागे बदा पर यमुरे सैनिकों के एक दो मार मगाने को सपी रवाना दिए । मित्रोंने पश्रिम में स्पाची और ददिय में गुलवर्गव के गरे बीचापुर राम्म को छूट कर उसे उपर दिया। बीजापुर के बीस बार सैनिकों ने प्रमुल बीमापुरी सेनानामा सान मुहम्मद-प्रमों, पदुमा रुपा रसाना के पुत्रों के नेतृत्व में काय भयेष विमा-परवीर सेनानी महाबवतों के मागे प्राभिर उन पर उमर गए। अब उसने प्रयाची पोर रस किया। बीदर से पानीस मीन पश्चिम में, गोलकुमरा से दुपठिय समापुर पाने वाले प्राचीन मार्ग पा, मा प्ररेण , बस पाजस्म शबानमाबीन पमपानी पपापी पो। मोग्गुमला ने वापर-चोर गबर पत्याची पर पर गण दिग। किले की रहन-सेना दीवारों पर से रात-दिन गोलियों की पर्ण करने लगी। सामों में मनानक मारकार मच गई। किले के चारों वरफ मी छुटपुर भाम्मक-प्रस्मस होने लगे और मा पुरा एर गम्भीर रूम पारपर गया। रवी के राम प्रसाराम ने शव पुर में वीरत प्रपन किया। सान महम्मद के पुरसमारोप उसमे बड़े से प्रबरोध किया। उपर बालासों ने राम गमित सीसोदिया पर मारी दश राशर उसे पायल पर दिया। अम्त में मामलों मे भागे बदकर उसच उसार किया। पर पा पोरनब किसके पिरे अबरोधको रुपमा बनाने में मख वा उसे सूचना मिली कि उसके पास से सिर्फ पार मील दूर तीच पर बीयापुरी सेना पुरको उपस ली है। प्रोगामेष मीर- अमचा पर किले का मार घोर पाप से अपनी सेना के भामेरदा। मापनों, पब दाणा और 5 सेनानायक उसरे हाय पे।
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