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पृष्ठ:आलमगीर.djvu/२९६

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पामा की शप कहने मोसी से मार गिराया। फिर शाही महापट इत्त मस्त पी पर पीये मे तार हो गया और उसे अबू में कर लिया। पोरंगा में अपने पाहिम पार्ष पर पल रिवा, रिसे शारणा सन मन्तर मै धुरी तग मोड लागा। पथपि पासरे श्री सेना प्रपिकन पी, पर उसने पोरयर सेना और उतार दिए थे। औरयो मे ही दवा से उस पद मरिक्त शिमा और प्रवाना पद भरके मागे पा। शीतती समो हारबारे की सेना प्रे विस-मिस र दिरा। इसमे ही में मोरगयेष एक मरे विपर प्रधामना करना पका, बिसने उसके सारे डी सरकर को पापार में गब दिया। शेषपुर के रामा पददि- पोपी माप से मोरंगबेत्र भा मिले पे, और इस बुर मे चाहिने पचनास मोमे एमए विधासमास के प्रोगवरी मना पिचचे भाग पर प्राममयर दिया। उस मार से पाय कर गासेमा विवर पिवर होकर माग थी। राबा साहेब ने जाना और असा छूटना भारम्म किया। माय सेना में मब मोर मा माप गया। सी समय उपयुकप्रसर समम शुभ में पल रवा मामर पा विस पौराग सेमा में मगर मच गई। पौरत मागवी सेना को रोकनी रहा पा, किस तौर सममे से प्रोसवप्र महापत मारा गया और उसे बीमासना पठिन हो गया। पर पिकत नापार होकर रापी से उवरना बादी रहा पामीनुमा घोड़ा दोगवा प्राय और प्रा--"are, महसपो मारवादकन मही,मा माग परम पाएंगे। इस समन मारोही थी और मोरकुममा दिनमा भाव मस्स हा पा। मोडमेड पापी पर बम मा । पर सरेपारो चोर शव पर पे और उसे मप हा पा विधी में गाय न पापा। ही समय इसपर और माम्म समान में बनी पाप दम यो प्रेमामे दार राहु पर इममा किरा | शुषों