पृष्ठ:आलम-केलि.djvu/१८

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आँचममा मुख पोलि पालिके कइति तुम. . ऐसे कैसे जान देत कह छोटे भगा की। खेला ललन गर हैं सले मेय, . ' योलि दी एलन बलया नाग मैया को॥५॥ ऐसा बारी शार२ याहि पागे न जान दीने, यार गये चौरी तुम यनिता संगमा को। प्रज: टोना टामन निफ्ट टोनहाई डोलें, जसोदा मिटाउ दंघ और के आँगन की। 'पालमा ले गई जान पारि फेरि हरि नारि .. ": बालि' श्री सनाइ धुनि फरकः कँगन की। छोर मुग्न लपटाय छार कुनिभरें, छीया! " । नेकुः छवि ' देशो लगन-मैंगन की॥६॥ योस यिधि श्राऊ दिन यागये न पाऊँ और, यादी कास धादी घर घाँसनि.कीचारी है। नेकु फिरि हैं के दैरीदें जसोश मोहि मो 4 हाठि मार्ग घमी और कई डारी है। 'संख' कहै तुम सिग्नवोग कछु राम याहि. ____ मार्ग गरिहारनु को सोसे लेनु गागे है। संग लाइ भैया ने न्यारो न कन्दमा की. . यलन' बलया लेकै मैया यलिहारी है ॥ ७ ॥ १-चलन देवजी । .. -- -वानर _-यानि नुगन । ५. वजन वनदेवी । -1-चार :