पृष्ठ:आलम-केलि.djvu/३७

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


POST बालम कैलि तेरे पर पी के मिज ही के समाचार हैरी, का की कहीं तोसों हरिज्यों ज्यों बिलेलातु है । तनक मैं येग पेसो मंद को नाही माई, . . . । जैसे येग नैननि मैं नेह माह 'जातु है ।।५० । __. . -:. . संकेतस्थल वर्णन :: :...:. . सोसम सिखाय जाय धोरच यधाई लाय, } यतरस लाय कहीं नेह को याम है। 'पालम' मुरुवि कछु सोच ही में लोध्यो मन,":.. कार के पंचन सुनि फानन हितात है। जेतक नबोदा हियो पोदा के के वियतन, .. देखें 'दुरि दुरि नैना लागे याही घात हैं। चले दोठि फोर फिर.पघट के शेर के. लाजन के मारे तारे नीचे नपे जात ६॥५१॥ माई आई हो तो बाई' सनी धामय, .. उन्हें देनिभाई जान्यों भटे दो पति है। पुनि मुनि पाय धारे 'सेरा प्यारी सनमुघ, ताकि मुष मोहनी सम्रम दी गति ।