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पृष्ठ:ओथेलो.pdf/१६७

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(१४२) चख सकती हैं, और मीठे तथा खट्टे का स्वाद जान सकती हैं । जब कि वे अपनी स्त्रियों को छोड़ कर औरों से प्रेम करने लगते हैं तो कैसा अंधाधुंध करते हैं ? क्या यह खेज है ? मैं समझती हूं कि वे हम को खेल ही समझते हैं। क्या कामेच्छा से इसकी उत्पत्ति नहीं होती है ? मैं समझती हूं होती है। क्या यह चंचलता नहीं है ? जिससे ऐसी बड़ी चूक होती है । अवश्य ऐसी भी बात है। तो फिर क्या हम में पुरुषों के समान कामेच्छा, कीड़ा करनेकी रुचि और चंचलता नहीं होती है? सुतरां उनको हमारे साथ अच्छा वर्त्तावि रखना उचित है। नहीं तो उनको भलीभांति जान लेना चाहिये कि उनके ही पापाचारों से हमें पाप करने की शिक्षा मिलती है । देशदामिनी- अच्छा प्रणाम, प्रणाम, परमेश्वर करे कि मुझसे बुराई के बदले बुराई न होने पावे, वरन यदि मेरे साथ अनुचित बर्ताव किया जावे तो मैं उससे अपनी त्रुटियां सुधारनी सोखूं : ( चमिलिया जाती है । ) पाँचवां अंक | पहिला दृश्य । साइप्रस एकगली । ( यागो और रौदरिगो का प्रवेश } । यागो - यहां इस मकान की मोड़ के पीछे खड़ा रह, वह अभी आपहुँचेगा | अपनी बहीं को नंगी करदे और उससे उसके गहिरा घाव करदेना। शीघ्रता कर, शीघ्रता कर, किसी बात का भय मत मान, मैं तेरी बगल में खड़ा रहूँगा । बस इससे हमारा वार है या यार है, इस बात का ध्यान रख और अपने संकल्प में पूर्णरूप से बढ़ रह भले बुरे का विचार करसकती हैं। दूसरों की स्त्रियां ।