६ NA प्रस्तावना | रचना का काल | प्राचीन दिनवृत्तावलियों के देखने से जाना जाता है कि यह नाटक १६०४ और १६०५ ईस्वी में राजनाटक मंडली ने खेला था।कुछ विद्वानों का मत है कि यह पीछे बना है पर अब यही बात सर्वसम्मत ठहरी हैं कि ११ - ईरवी हो इसकी रचनाका समय है । प्रबंध की सामग्री । ऐसा भासित होता है कि शेक्सपियर ने औौर कथाष्यों से भी इस नाटक को प्रबंध रचनायें सहायता की है । लका मुख्य आधार इटलीदेश के निधो के कथासंग्रह की सातवीं कहानी है। मूल 'कथा में यागो पत्ताबाहक देशदामिनी से अनुचित प्रेम करता है । देशदामिनी सहकारी सेनापति को उससे अधिक चाहती है। यही यागो का चलसे बदला लेने में प्रयोजन होता है । सहकारी पहरे में किसी सैनिक पर प्रहार करने के अपराध पर पदच्युत किया जाता है । इसको पदस्थ करने के लिये देशदामिनी अपने पति से दोबार प्रार्थना करती है। पताकावाहक उसके पति मुरके कमालको देशवा- मिनी से चुराकर सहकारी की गद्दी पर डालता है और फिर सबसे जाकर कहता है कि वह उसकी भार्या ने प्रेम के दिया है। वह उस कमान के आदर्श पर बना हुआ एक दूसरा कमान भी उसको बतलाता है और सहकारी के वध करने का बीड़ा पठाता है । सहकारी मारा तो नहीं जाताहै पर उसकी टांग पर चोटप्राती है। तब पत्ताकावाइक मूरकी सहायता से देशवामिनी में 2
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