( ६३ ) बनूँगा ( अनुचरों से ) अच्छा, इसको लेजाथों । (डोली में मौन- तेनो को लेजाते हैं।) (यागो से) यागो, नगरकी रखवाली सचेत होकर करो और उन लोगोंको जिनमें इस झगडे से खलबली पड़गई है शान्त करो । ( देशदशामेनीसे ) व्याघ्यो, देशदामिनी यह है सैनिकके जीवनका राग, झगड़े और बखेडों द्वारा सुखनिद्रासे जाना जाग । ( यागो-- और केसियो को छोड़कर अन्य सब जाते हैं 1 ) यागो सहकारी क्या तुम्हारे कुछ चोट आई है ? केसियो - हाँ ऐसी चोट खाई है कि कोई शस्त्र चिकित्सक उसकी चिकित्सा नहीं कर सकता । यागो-सचमुच, परमेश्वर ऐसा न करे! केसियो--मान, मान! मान हा मैने खो दिया है अपना मान । मैंने अपना अमर भाग खोदिया है और जो शेष हैं वह पशु फेसा | अपना मान, यागो - अपना मान । याग--सुझसे सत्यशील मनुष्यने तो यह समझाया कि वास्तव तुम्हारे में कोई शारिरिक चोट आई है जिसकी मानहानि की अपेक्षा भी अधिक वेदना होरही है। मान एक प्रसार और नि सत्य आरोपण है, वह बहुधा बिना योग्यताके मिलजाता है, और विना अपराध खोया जाता है। यदि तुम अपनेको उसका खोनेवाला न मानो तो तुमको विदित होगा कि तुमने कुछ भी मान नहीं खोया है E अरे भइया तुम कैसे मनुष्य हो ? सेनापति महाशय की कृपा प मित्रता प्राप्त करने की अभी कई युक्तियाँ हैं। वे तुम से इस समय इस कारण से क्रुद्ध हैं कि तुम असावधानी से काम करने के अपराधी पाये गये हो और इस ही वास्ते उन्होंने तुम को पदच्युत ....... A: my...
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