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पृष्ठ:ओथेलो.pdf/८९

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( १४ ) करना अत्यावश्यक समझां है, परन्तु इसके साथ ही उनका तुम्हारे साथ कोई भाव नहीं है । जैसे कोई अपने निरपराध कुत्ते को उम्र तेजस्वी सिंह के शांत करने को पीटता है वैसाही व्यवहार उन्होंने तुम्हारे साथ किया है। उनसे फिर विनय प्रार्थना करो तो वे अपने हो जायेंगे । केसियो - मैं एक ऐसे अच्छे सेनानायक को, एक अयोग्य पियक्कड और विचारशून्य कर्मचारी को फिर भरती करने के लिये धोखा देनेकी अपेक्षा इनसे तिरस्कृत होने की प्रार्थना करना भद्र तर समझता हूं । मतवाला होना?ध्यर्थ बकवाद करना ? रार मचाना डगमारना! सौगंध खाना ? और अपनी छाया ही साथ ऊँ स्वरसे अनर्गल बक बैठना ? हे! अवश्य मादर्शकी शक्ति यह सब तेरी महिमा है। यदि तुझे पुकारने के लिए तेरा और कोई नाम नहीं तो तेरा पिशाचनी नाम रखता हूँ । यागो - वह कौन था जिसके पीछे तुम तलवार लिये भागे फिर रहेथे ? उसने तुम्हारा क्या बिगाडा था ? केसियो- मुझे कुछ सुध नहीं है । यागो - क्या यह संभव हो सकता है ? केलियो-- मुझे ढेरकी ढेर चोजें सारण आती हैं, परन्तु ठीक र याद एक की भी नहीं है। कुछ झगड़ा हुआ था पर यह ध्यान नहीं कि क्यों हुआ था । हे परमेश्वर मनुष्य अपनी ज्ञानशक्तिको चुराने के लिये एक वेरी को अपने मुँहमें रखते हैं और हम इर्षोल्लास से पानगोष्टी से और श्लाघा से अपने को पशु बना डालते हैं । यह कैवा अंधर है ! यागो-ऐसा क्यों कहते हो ? अब तो तुम खाये अच्छे हो,