पृष्ठ:कवि-प्रिया.djvu/३४४

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शास्त्र और काम से प्रेम रखने वाला ! तीसरे का उत्तर को कहिये शशि ते दुखी' निकलता अर्थात् चकवा का हृदय चन्द्रमा से दुखी रहता है। अविम प्रश्न का उत्तर 'कोमल मन सन्त' है अर्थात् सन्त कोमल मन वाले होते है। उदाहरण-२ दोहा कालि कालि पूजै अली, कोकिलकंठहि नीक । को कहिये कामी सदा, काली काहै लीक ॥६॥ हे सखो कल किसे पूजा था? किसका कठ अच्छा होता है ? कौन सदा कामी कहलाता है और लोक अर्थात् वास्तव मे काली कौन है ? इनका उत्तर भी पहले उदाहरण को भांति प्रश्नो के अक्षरो से ही निकल आता है। पहले का उत्तर है कि 'कलिका हि पूजे अली' अर्थात् हे सखी मैने कालिका की पूजा की। दूसरे का अर्थ है कि 'कोकिल कठहि नीक' अर्थात् कोयल का कठ अच्छा होता है। तीसरे का उत्तर को, कहिये कामी सदा' अर्थात् चकवा का हृदया सदा कामी-संयोग का इच्छुक रहता है और अतिम प्रश्न का उत्तर 'काली का है लीक' अर्थात् काजल की रेखा काली है। गतागत दोहा सूधो उलटो बांचिये, एकाह अर्थ प्रमान । कहत गतागत ताहि कवि, केशवदास सुजान ॥६६॥ केशवदास कहते हैं कि हे सुजान । जहाँ सीधा और उलटा पढने पर एक ही अर्थ निकलता है, उसे कवि लोग 'गतागत' कहते हैं।