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कोड स्वराज
 


जिसका अर्थ है कि सरकार, जनता की है और वह उनकी सामूहिक इच्छा से काम करेगी। कोड स्वराज का अर्थ है, नियम की खुली किताब, जो लोगों के लिये होगी और जिसकी जानकारी सभी को होगी।


एक खुले नियम पुस्तक के बिना आज का इंटरनेट बहुत ही अलग होता। हमारा मानना है। कि सभी अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रकचर) खुले और पारदर्शी नियमों पर आधारित हों, जो किसी को भी यह समझने की अनुमति दे कि सिस्टम कैसे काम करता है और इसे हम कैसे बेहतर बना सकते हैं। इस तरह का सिद्धांत, लोकतंत्र का एक मूल सिद्धांत है। इसे ही हुम। ‘जानकारी को लोकतांत्रिक’ बनाना कहते हैं, जिसमें लोगों को इसकी जानकारी पाने में कहीं कोई बाधा न हो।


हमारा मानना है कि समाज में सच्चे कोड स्वराज से हम और आगे बढ़ सकते हैं और हर इंसान के लिए, व्यापक पहुंच' (universal access) जैसे आकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त कर। सकते हैं। इंटरनेट ने हमें सिखाया है कि एक ओपन सिस्टम हमें, हमारे सपनों से भी आगे ले। जा सकता है। और इसी सबक को अब और अधिक व्यापक रूप से लागू किया जाना चाहिए।


गांधी जीका स्वतंत्रता आंदोलन केवल भारत की स्वतंत्रता के लिये ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में स्वशासन, लोकतंत्र और राजनैतिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों को स्थापित करने के बारे में था। गांधीजी और वे सभी लोग जो उनके अनुयायी थे, उनमें सभी के लिए समान अवसरों की सुलभता, सूचना का लोकतांत्रीकरण, ट्रस्टीशिप, और सामान्य अच्छाईयों के सिद्धांत, गहराई से अंतर्निहित थे।


हम जिन तकनीकियों का उपयोग कर रहे हैं वे उन लोगों से प्रेरित हैं जिन्होंने हमसे पहले। काम किया है। हालांकि जो व्यक्तिगत जोखिम हुम उठाते हैं, वे उतने भी खतरनाक नहीं हैं, पर हमने निरंतर संघर्ष करने के सबक को अपने अंदर समा लिया है। सत्याग्रह के तरीकों और विधियों को, बड़ी और छोटी दोनों तरह की समस्याओं पर लागू किया जा सकता है, लेकिन जो मायने रखता है वह यह है कि हम सभी अपने लोकतंत्र को बेहतर बनाने का प्रयास करें। लोकतंत्र में सरकार हमारे लिए होती है, और जब तक हम सार्वजनिक कार्य में शामिल नहीं होते और जब तक हम खुद को, और हमारे शासकों को शिक्षित नहीं करते, तबतक हुम दुनिया के ट्रस्टीशिप में अपना आसन खो देंगे।


हमने इस पुस्तक में बड़ी संख्या में तस्वीरें भी डाली हैं। यह पुस्तक एक मिश्रण है। इसका कारण यह है कि हम तस्वीरों से प्रेरणा लेते हैं। हमें कलेक्टेड वर्क्स ऑफ महात्मा गांधी और सूचना मंत्रालय के अभिलेखागार (archive) में पुरानी तस्वीरों को देखना अच्छा लगता है। पहले से मौजूदा चीज़ों पर ही ज्ञान बढ़ता है और हमने इस पुस्तक को नेट (internet) पर उपलब्ध मौजूदा सामग्रियों पर बनाया है जो सभी के लिये उपलब्ध है।


हम यह भी आशा करते हैं कि आप इन अद्भुत संसाधनों को देखने, और अपने स्वयं के काम में इन्हें इस्तेमाल करने के लिए समय निकालेंगे। ज्ञान पर सार्वभौमिक पहुंच मानव का

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