पृष्ठ:कोड स्वराज.pdf/१४९

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ जाँच लिया गया।


कोड स्वराज पर नोट

उन घटकों को निकाल रहे थे जो पब्लिक डोमेन में थे ताकि उनका व्यापक प्रसार किया जा सके।

मुझे यह महत्वपूर्ण लग रहा था कि लोग खड़े होते हैं, और उन बातों का समर्थन करते हैं। जिन पर वे विश्वास करते हैं। इसलिए मैं ट्विटर पर गया, और मैंने दुनिया को बताया कि मैंने क्या किया और मैं यह क्यों कर रहा था। बातों को कहने की जरूरत है। मैंने उन ट्वीटों को इस पुस्तक में, परिशिष्ट के रूप में जोड़ा है।

मैंने अपने आप से वादा किया था कि दिसंबर में मुझे सरकारी शोध परिणामों के बारे में लिखना होगा, लेकिन मैंने नहीं किया। इसके बजाय, मैंने गांधी के स्कैन पर काम किया और एक ऐसे शब्द के बारे में सोचा था जो कई सालों से मेरे दिमाग में कौंध रहा था।

यह शब्द “कोड स्वराज” था। मुझे यह शब्द कैसे मिला, यह एक लंबा और घुमावदार सफर था। इसकी शुरुआत वाशिंगटन में हुई थी। मैंने वाशिंगटन, डी.सी में चार विभिन्न कार्याविधि कालों में कल 15 वर्ष बिताए हैं। मझे शहर से प्यार है लेकिन जब मझे इससे दर जाने का मौका मिलता है तो मैं खुश हो जाता हूँ। वर्ष 2007 में, मैं फिर वहाँ से भाग निकला।

फेडफ्लिक्स, फिल्मों पर बिताये मेरे समय (माई टाइम एट द मूवीज़)

मैंने पब्लिक रिसोर्स की स्थापना के दौरान, मैं जो काम कर रहा था वह था - अभिगमन|(एक्सेस) को सुगम बनाने का कानून। मैंने 1990 के दशक में, इस कानून के बारे में सोचा था जब यह बहुत मुश्किल लग रहा था। इसलिए मैंने उस समय, पेटेंट और एस.ई.सी जैसे बड़े डेटाबेस पर ध्यान केंद्रित किया। वाशिंगटन, डी.सी. में जॉन पॉडेस्टा (John Podesta) के लिए दो साल तक उनके मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी के रूप में, सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस में काम करने के बाद मैंने जॉन को अपना विचार बताया। मैंने बताया कि शायद मैं छोटे से गैर-लाभकारी व्यवसाय चलाने के लिए ज्यादा उपयुक्त हूँ। मैं कैलिफोर्निया वापस चला गया, और मेरे दोस्त टिम ओ रेली (Tim O'Reilly) से मैंने पूछा कि क्या मैं उसके मुख्यालय में, अपने कार्यालय के लिये जगह किराए पर ले सकता हूँ और अपना काम कर सकता हूँ। यह वर्ष 2007 की बात थी।

सबसे पहले, मैं भी निश्चित नहीं था कि मैं क्या कर रहा हूँ। मैंने वीडियो पर काम करने में। काफी समय व्यतीत किया। हमारे “फेडफ्लिक्स” प्रोग्राम के भाग के रूप में, हजारों संघीय वीडियो को कॉपी करने और उन्हें पोस्ट करने के लिए, मैंने स्वयंसेवकों को, नेशनल अभिलेखागार (नेशनल आर्काइव) में भेज दिया। मैंने ज्यादा से ज्यादा वीडियो के लिए, राष्ट्रीय तकनीकी सूचना सेवा (Self-Employed Women 's Association of India) (नेशनल टेकनिकल इनफार्मेशन सर्विस) के साथ मिलकर एक संयुक्त उद्यम भी स्थापित किये। उन्हें यह बताया है कि यदि वे मुझे अपना वी.एच.एस, बीटाकैम और यूमैटिक टेप देते हैं तो मैं उन्हें इसे डिजिटाइज़ करके, उन्हें डिजीटल वीडियो के डिस्क ड्राइव के रूप में वापस भेज दंगा और यह सब, सरकार के किसी खर्चे के बिना होगा। यह एक निःशुल्क सहायता होगी।

141