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कोड स्वराज

इसमें 600 से अधिक घण्टे के ब्रोडकास्ट-क्वालिटी वीडियो थे जो सभी कमिटियों के डेटा थे।

मैं तुरंत ही छः ब्लू-रे रीडर्स खरीद लाया और उन्हें अपने मैक डेस्क्टोप पर लगा दिया। एक ही समय में, डाटा को छः डिस्कों में कॉपी किया और उसे उसी रात कुरियर से बाइंडर को वाशिंगटन भेज दिया। अगले दिन मैंने उन्हें दोबारा कॉल की, उसे धन्यवाद दिया और उनसे यूं ही पूछा कि क्या उनके पास इस तरह के और भी चीजें हैं। “जरूर, हमारे पास ऐसे चीजों की भरमार है। क्या आप एक और चाहते हैं?” अतः, उन्होंने मुझे एक और बाइंडर भेज दिया।

पूरी गर्मी के सीजन में वे मुझे ज्यादा-ज्यादा बाइंडर्स भेजते रहे। मैं उन्हें कॉपी करता और उन्हें वापिस भेज देता था। जब वो सभी हो गए तो मैंने वाशिंगटन के लिए टिकट खरीदा और उनसे पूछा कि उनके पास कोई और काम भी है। ज्ञात हुआ उनके पास कई सारी डिस्क्स ड्राईव थी, जो औजारों के रैक के पीछे पड़ी थीं, इसलिए मैंने फेडेक्स स्टोर से पैकिंग टेप के बक्से खरीदे और उन्हें रेबर्न बिल्डिंग के भू-तल पर लाया और उन्हें शिपिंग के लिए पैक कर दिया।

इस ग्रीष्मकाल के अंत तक, मेरे पास कांग्रेसनल सुनवाई के 14,000 घण्टे का वीडियो था। आगे की योजनाओं पर चर्चा करने के लिए मेरी बैठक स्पीकर के जनरल काऊंसल से हुई। मैंने कांग्रेस को 2.4 गीगाबाइट की लाइन से, कैपिटोल के बेसमेंट से सी-स्पैन के बाहर तक, और फिर उसे इंटरनेट 2 के बैकबोन तक उसे जोड़ने का प्रस्ताव दिया। ऐसा करने से । कांग्रेस की कार्यवाही का 48 ब्रॉडकास्ट-क्वालिटी वीडियो, एक साथ पूरे देश में देखने के लिए लाइव-स्ट्रिम हो पाएगी। साथ ही साथ, ऐसा करने से इंटरनेट अर्काइव, युट्यूब, और स्थानीय न्यूज़ स्टेशन्स और अन्य संसाधनों द्वारा, कांग्रेस की कार्यवाही देखी जा सकेगी।

मैंने, डेडिकेटेड हार्डवेयर इनकोडर्स और इथरनेट स्विच पर, 42,000 डॉलर खर्च किए जो दूसरी चीजों पर खर्च करने के लिये थे। इन सभी को एक रैक में लगा दिया और मैंने, इस सैटअप के फोटोग्राफ को अपने साथ ले गया। मैंने उन्हें बताया कि इसके लिए सरकार को कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ेगा, क्यों कि हार्डवेयर पहले से उपलब्ध हैं, और सिर्फ 90 दिनों में इस पूरे काम को अंजाम दिया जा सकता हैं जो इस्तेमाल के लिए तैयार है।

हम, यूएस केपिटोल के बेसमेंट में उस स्थान को भी ठीक से जानते थे जहाँ से हम, हाउस ब्रॉडकास्ट स्टूडियो से आने वाले फाइबर वीडियो फीड्स को, जोड़ सकते थे। हमारी मीटिंग सितम्बर, 2011 में हुई, और मैंने वहाँ के स्टाफ को कहा कि हम जनवरी 2012 तक, जब कांग्रेस का दूसरा सत्र प्रारम्भ होगा, इसे चालू कर देंगे। इससे उनके मुखिया के ऊर्जावान नेतृत्व में, प्रगति के नए युग का आरम्भ होगा। मैंने उनसे कहा कि यदि वे अमेरीका के न्यूज़रूम्स में सीधे-सीधे हाई रिजोल्यूशन वीडियो ला सके तो उन्हें, देश के प्रत्येक स्थानीय टी वी स्टेशनों पर बुलाया जायेगा। मैंने इसे पब्लिक-प्राइवेट साझेदारी का काम कहा जो सभी के लिये लाभप्रद थी।

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