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कोड स्वराज

मैंने 6,000 सरकारी वीडियो लिया है, जिन्हें सरकार ने ऑनलाइन कर दिया था। मैंने उन्हें कॉपी किया और उन्हें यूट्यूब पर डाल दिया, जिन्हें 5 करोड़ से अधिक देखने वाले मिले। ये वीडियो अब भी वहां मौजूद हैं।

उदाहरण के लिए, “द सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन' (Securities and Exchange Commission) से, किसी सार्वजनिक निगम की आई.पी.ओ. रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए 30 डॉलर की कीमत अदा करनी होती है। हमने इसे नि:शुल्क रखा है। और अब, लाखों लोग इस जानकारी का उपयोग कर रहे हैं।

लगभग पांच साल पहले, मैंने भारतीय डेटा पर काम करना शुरू किया। मैंने संयुक्त अमेरिका में काम करना जारी रखा लेकिन भारत में ऐसी दो जगहें हैं, जहां पर अब मैं अपना काम करता हूँ और मै अब पांच संग्रह की देख रेख करता हूँ।

पहला फोटोग्राफ का: सूचना मंत्रालय के पास अनेक तस्वीरों का संग्रह है, जो ऑनलाइन है। लेकिन वे छिपी हुई हैं। आप उनका पता नहीं लगा सकते। आप इंडेक्स पेज को देख सकते हैं, जहां पर हजारों तस्वीरें हैं। आपको असली तस्वीर देखने के लिए वहां पर क्लिक करना होगा। इसलिए मैंने उनमें से 12,000 तस्वीरों को निकाल कर उसे ‘फ्लिकर' से जोड़ा दिया। ये अद्भुत तस्वीरें हैं। यह भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के वर्ष 1947, 1948 और 1949 के गणतंत्र दिवस समारोहों की तस्वीरें हैं। क्रिकेट खेलते हुए लोगों की, ओलंपिक की, जानवरों की, और भारत के मंदिरों की तस्वीरें हैं - ये सभी तस्वीरें बेहद ही खुबसूरत हैं। वहां पर, ऐसी और कई तस्वीरें होनी चाहिए और वह भी अच्छे रिजोल्युशन में होनी चाहिए।

दूसरा, भारतीय मानक ब्यूरो: ‘द बिल्डिंग कोड ऑफ इंडिया', मूल्य 14,000 रुपये। भारत मैं प्रत्येक वर्ष इंजीनियरिंग में 6,50,000 विद्यार्थी होते हैं, जिन्हें इस दस्तावेज को देखने की आवश्यकता है। और इसके लिये उन्हें पुस्तकालय जाना पड़ता है और एक खास CD-ROM लेना पड़ता है या उन्हें वहाँ से एक खास पुस्तक लेनी पड़ती है। हमने उन्हें ऑनलाइन कर दिया है और अब उन पर, प्रति माह लाखों की संख्या में लोग देखने (व्यूज़) आते हैं।

वास्तव में, भारत सरकार ने हम पर कोई मुकदमा नहीं चलाया है। हम पर संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, और यूरोप में विभिन्न संगठनों द्वारा मुकदमा चलाया गया है, लेकिन भारत मानक ब्यूरो ने हमें अगला कोई उत्पाद बेचने से मना कर दिया और इसी कारण मैंने उन्हें एक पत्र भेजा। मैंने उनसे मानक प्राप्त करने के लिए प्रतिवर्ष 5,000 डॉलर का भुगतान किया। उसे कुछ सालों तक चलाया और उन्होंने मुझे नवीनीकरण का नोटिस भेजा। मैंने कहा कि । “जरूर, मैं नवीनीकरण कराने के लिए तैयार हैं। लेकिन मेरे पास सारे मानक हैं, क्या यह बड़ी बात नहीं है। क्या मैं इनको एच.टी.एम.एल. (HTML) में आपको दें ?”

क्यों कि बहुत सारे मानकों को जो भारत का है, उन्हें एच.टी.एम.एल. में फिर से टाइप किया, चित्रों (डायग्राम) को एस.वी.जी. (SVG) में ड्रा किया, फॉर्मुलों को मैथएमएल (MathML) में कोड किया ताकि आप इसे अपने फोन पर देख सकें, इसका डायग्राम ले सकें, इसे बड़ा बना सकें, और इसे अपने दस्तावेजों पर चिपका सकें।

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