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पृष्ठ:कोशोत्सव-स्मारक-संग्रह.pdf/१२८

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श्री लोचनप्रसाद पांडेय ८५ राजा सूर्यमित्र या भानुमित्र की मुद्राओं पर सूर्य का चित्र रहता था। उसी प्रकार चंद्रगुप्त के नाम के लिये चंद्रमा का चित्र देते थे कुमारगुप्त के नाम के लिये " कुमारी देवी" की मूर्ति दी जाती थी । राजा हरित के नाम के लिये हस्तो या हाथी का चित्र अंकित किया जाता है । कभी कभी 'सूर्य' के चित्र से सूर्यदास, सर्प या नाग के चित्र से नागसेन और गज के चित्र से गजसिंह का बोध होता था । वीरदेव राजा के नाम के लिये 'योद्धा' का चित्र, गोपाल- देव के नाम के लिये 'गो' का चित्र मुद्राओं पर दिया जाता था । भारतवर्ष में प्राय: प्रत्येक प्राचीन स्थान में प्राचीन मुद्राएँ मिला करती हैं पर उनके संग्रह की ओर लोगों का ध्यान नहीं जाता । ?