१६६ प्राचीन आर्यावर्त और उसका प्रथम सम्राट् नक्षत्रों के दर्शन नहीं होते, लंबी उपा में वर्ष भर का एक दिन होता है* * 1" और इधर "ऐतरेय" में मिलता है कि कश्यप नाम के आदित्य 'महामेरु' नामक पर्वत पर सदा रहकर उसे प्रकाशित करते हैं। इसलिये मेरुप्रदेश वह नहीं हो सकता, जहाँ छः महीने का दिन और छ: महीने की रात होती हो । छः महीने का दिन और छः महीने की रात वाले 'वार' प्रदेश की गणना वह नहीं कर सकता जो उसके पहिले आर्य-निवास वा मेरु प्रदेश के २४ घंटे वाले दिन रात के देशों में नहीं रह चुका है । संसार का इतिहास लिखनेवाले ( Hearcnshaw ) का मत है कि अब तक के प्रमाणों से यही कहा जा सकता है कि मध्य एशिया में आदिम मनुष्य की उत्पत्ति हुई। तुलनात्मक शब्दशास्त्र के जन्मदाता (Adelmg) एडिलंग, जिनका शरीरांत १८०६ में हुआ, काश्मीर को मानव जाति का पालना बताते थे और उसी को स्वर्ग समझते थे | जिस सोम का व्यवहार प्राचीन भारत में होता था, वह काश्मीर के उच्च शिखरों पर उत्पन्न होता था और इन हरी-भरी There are uncreated lights and created lights. The one thing missed there is the sight of the stars, the moon, and the sun and a year secms only as a day. -- ( PP. 19 and 20, Vendidad.) + Regions of Central Asia, and it was there, so far as at present we can tell, that, from among the anthropoids, primitive Man emerged.-- (P. 12. ) Adelung, the father of comparative Philology who died in 1500, placed the cradle of Mankind in the valley of the Cashmere which he identified with Paradise. -- (The Origins of Aryans.)
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