पृष्ठ:गुप्त-निबन्धावली.djvu/२४०

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लार्ड मिन्टोका स्वागत भाग्यवानोंसे कुछ न कुछ सम्बन्ध निकाल लेना संसारकी चाल है। जो लोग श्रीमान तक पहुंच सके हैं, उन्होंने श्रीमानसे भी एक गहरा सम्बन्ध निकाल लिया है। वह लोग कहते हैं कि सो साल पहले आपके बड़ोंमेंसे एक महानुभाव यहांका शासन कर गये हैं, इससे भारतका शासक होना आपके लिये कोई नई बात नहीं है। वह लोग साथही यह भी कहते हैं कि सौ साल पहलेवाले लार्ड मिन्टो बड़े प्रजापालक थे। प्रजाको प्रसन्न रखकर शासन करना चाहते थे। यह कहकर वह श्रीमानसे भी अच्छे शासन और प्रजा-रञ्जनकी आशा जनाते हैं। पर यह सम्बन्ध बहुत दृरका है। सौ साल पहलकी बानका कितना प्रभाव हो सकता है, नहीं कहा जा सकता। उस समयको प्रजामेंसे एक आदमी जीवित नहीं, जो कुछ उस समयकी आँखों देखी कह सके। फिर यह भी कुछ निश्चय नहीं कि श्रीमान अपने उस बड़क शासनक विपयमें वैसाही विचार रखते हों, जैसा यहांके लोग कहते हैं। यह भी निश्चय नहीं कि श्रीमानको सौ माल पहलेकी शासननीति पसन्द होगी या नहीं तथा उसका कैसा प्रभाव श्रीमानके चित्तपर है। हाँ, एक प्रभाव देखा कि श्रीमानके पूर्ववर्ती शासकने अपनेसे सौ साल पहलेके शासककी बात स्मरण करके उस समयको पोशाकमें गवर्नमेन्ट हौसके भीतर एक नाच, नाच डाला था। सरांश यह कि लोग जिस ढङ्गसे श्रीमानकी बड़ाई करते हैं वह एक प्रकारको शिष्टाचारकी रीति पूरी कर रहे हैं। आपकी असली बड़ाईका मौका अभी नहीं आया, पर वह मौका आपके हाथमें विलक्षण रूपसे है । श्रीमान् इस देशमें अभी यदि अज्ञातकुल नहीं तो अज्ञातशील अवश्य हैं । यहांके कुछ लोगोंकी समझमें आपके पूर्ववती शासकने प्रजा- को बहुत सताया है और वह उसके हाथसे बहुत तंग हुई। वह समझते हैं कि आप उन पीड़ाओंको दूरकर दंगे, जो आपका पूर्ववर्ती शासक यहां फैला गया है। इसीसे वह दौड़कर आपके द्वारपर जाते हैं । यह कदापि [ २२३