पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१११

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दृश्य २] चांदी की डिबिया फजूल बक जोन्स [ डिबिया को मेज़ पर पटक कर ] बक मत करो। जब मैं यहाँ से चलूंगा तो इस डिबिया को उसी थैली के साथ पानी में डाल दूंगा । मैंने इसे उस वक्त उठा लिया जब मैं नशे में था; और नशे में जो काम किए जाते हैं उनका जिम्मेदार कोई नहीं होता, ब्रह्मवाक्य है । मुझे इसकी क्या ज़रूरत मैं इसे लेकर करूंगा क्या ? मैंने जलकर दम्भ इसे निकाल लिया था । मैं तुमसे कह चुका मैं चोर नहीं हूँ, और अगर तुमने मुझे चोर कहा तो बुरा होगा। यह मिसेज़ जोन्स [ एपरन की डोरी को ऐठती हुई ] यह मिसेज बार्थिविक की है । तुमने मेरे नाम में बट्टा लगा दिया। अरे जेम, तुम्हें यह सूझी क्या?