पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/११४

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चाँदी की डिबिया
[ अड़्क १
 

[ वह उसके हाथ से डिबिया छीन लेना चाहती है ]

जोन्स

न मानोगी तुम?

[ वह डिबिया को छोड़ देता है और गुर्राकर उस पर झपटता है वह चारपाई के उस पार चली जाती हैं। वह उसके पीछे लपकता है। एक कुरसी उलट जाती है। दरवाजा खुलता है और स्नो अन्दर आता है। वह खुफ़िया पुलीस का आदमी है इस वक्त सादे कपड़े पहने हुए है। उसकी मूछें कतरी हुई हैं। जोन्स हाथ गिरा देता है मिसेज़ जोन्स हाँकती हुई खिड़की के पास खड़ी हो जाती है। स्नो तेजी से मेज़ की तरफ जाता है और डिबिया उठा लेता है। ]

स्नो

अच्छा यहाँ तो चुहल हो रही है। जिस चीज़ को तलाश में था वही मिल गई । जे० बी० ठीक वही है।

[ वह दरवाजे के पास जाता है और डिबिया के अक्षरों को गौर

से देखता है मिसेज़ जोन्स से]

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