पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१३९

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दृश्य २ ]
चाँदी की डिबिया
 

स्नो

पर तो हमले का जुर्म लगाना होगा। मिस्टर जैक बार्थिविक भी पुलीस कचहरी चले आयें तो बड़ा अच्छा हो। बचा जेल जायँगे, यह तो मानी हुई बात है। विचित्र बात यह है कि उसके पास कुछ रुपये भी निकले और एक लाल रेशमी थैली भी थी।

[ बार्थिविक चौंक पड़ता है; जैक उठता है, फिर बैठ जाता है। ]

मेम साहब की थैली तो नहीं ग़ायब हो गई?

बार्थिविक

[ जल्दी से ]

नहीं, नहीं, उनकी थैली नहीं खोई।

जैक

नहीं, थैली तो नहीं गई।

मिसेज़ बार्थिविक

[ मानो स्वप्न देखते हुए ]

नहीं!

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