पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१८२

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चांदी की डिबिया [ अङ्क ३ मैजिस्ट्रेट अबा कहां है? लिस नहीं मालूम, हजूर ! वह एक आदमी के साथ निकल गई और तब मैं- मैजिस्ट्रेट हां, हां, ठाक है ! यहां कोई उसे जानता थोड़े ही है ? गंजे कांस्टेबिल से] क्या यहां कोई जानता है उसे ? दारोगा इस इलाके में तो कोई नहीं जानता, हजूर! लेकिन मैंने पता लगाया है कि- मैजिस्ट्रेट हां, हां, ठीक है ! इतना ही काफी है।