पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/५१

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दृश्य ३ ]
चाँदी की डिबिया
 

अपरिचित

जी---लेकिन मेरा उनसे मिलना जरूरी है। मैं इसी इरादे से आई हूँ। मैं कोई झमेला नहीं करना चाहती, लेकिन बात यह है---रात को---आपके बेटे ने उड़ादी---उन्होंने मेरी---

[ रुक जाती है ]

बार्थिविक

[ कठोर स्वर में ]

हाँ हाँ कहिए, क्या?

अपरिचित

वह मेरा---बटुआ उठा ले गए।

बार्थिविक

आपका बटु.....

अपरिचित

मुझे बटुए की चिन्ता नहीं है। उसकी मुझे ज़रूरत

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