पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/६१

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दृश्य ३ ]
चाँदी की डिबिया
 

हुए वह खड़ा हो जाता है और उसे ध्यान से देखता है। वह बैठ जाती है और उसकी तरफ़ दबी हुई आँख से देखती है। तब वह घूम जाती है और नक़ाब खींचकर चोरी से अपनी आँखें पोंछती है। इतने में जैक आ जाता है। ]

जैक

[ खाली बटुए को दिखाता हुश्रा खिन्न भाव से ]

यही है न? मैंने चारों तरफ़ छान डाला थैली कहीं नहीं मिलती। तुम्हें ठीक याद है, वह इस बटुए में थी?

अपरिचित

[ आँखों में आँसू भर कर ]

याद? हाँ खूब याद है। लाल रंग की रेशमी थैली थी। मेरे पास जो कुछ था सब उसी में था।

जैक

मुझ सच मुच बड़ा दुःख है। सिर में बड़ा दर्द हो रहा

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