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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/२४३

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घटाव २. बाकी निकालना । घटाव - संज्ञा पुं० कमी । घटिका -संज्ञा स्त्री० छोटा घड़ा | घटित - वि० बना हुआ । घटिया - वि० सस्ता | घटिहा - वि० १. घात पाकर अपना स्वार्थ साधनेवाला । २. चालाक । ३. दुष्ट । घटी - संज्ञा स्त्री० १. कमी । २. हानि । घट्टा - संज्ञा पुं० शरीर पर वह उभड़ा हुआ कड़ा चिह्न जो किसी वस्तु की रगड़ लगते लगते पड़ जाता है । घड़घड़ाना- क्रि० प्र० गड़गड़ाना । घड़घड़ाहट - संज्ञा स्त्री० घड़घड़ शब्द होने का भाव | घड़नई, घड़नैल - संज्ञा स्त्री० बाँस में घड़े बांधकर बनाया हुभ्रा ढाँचा जिससे छोटी छोटी नदियाँ पार करते हैं । घड़ा - संज्ञा पुं० मिट्टी का पानी भरने का चरतन । घड़िया - संज्ञा स्त्री० मिट्टी का छोटा बर्तन | घड़ियाल - संज्ञा पुं० वह घंटा जो पूजा में या समय की सूचना के लिये बजाया जाता है । संज्ञा पुं० प्राह । घडियाली - संज्ञा पुं० घंटा बजानेवाला । घड़ी - संज्ञा स्त्री० १. समय । २. समय- सूचक यंत्र । घड़ी दिश्रा - संज्ञा पुं० वह घड़ा और दिया जो घर के किसी के मरने पर घर में रखा जाता है। घड़ीसाज्ञ-संज्ञा पुं० घड़ी की मरम्मत करनेवाला । घड़ौची - संज्ञा स्त्री० पानी से भरा घड़ा २३४ घनात्मक रखने की विपाई । घतिया - संज्ञा पुं० घात करनेवाला । घतियाना- क्रि० स० १. मतलब पर चढ़ाना। २. चुराना । घन - संज्ञा पुं० १. मेघ । २. लोहारों का बड़ा हथौड़ा जिलसे वे गरम लोहा पीटते हैं । ३. समूह । ४. लंबाई, चौड़ाई और मोटाई (ऊँचाई या गहराई ) तीनों का विस्तार । वि० १. घना । २. दृढ़ | घनगरज - संज्ञा खो० बादल के गरजने की ध्वनि । घनघनाना- क्रि० प्र० घंटे की सी ध्वनि निकलना | क्रि० स० घन घन शब्द करना । घनघनाहट - संज्ञा स्त्री० घन घन शब्द निकलने का भाव या ध्वनि । घनघोर - संज्ञा पुं० भीषण ध्वनि । वि० गहरा । घनचक्कर - संज्ञा पुं० श्रावारागर्द । १. मूर्ख । २. घनत्व - संज्ञा पुं० १. घनापन । २. लंबाई, चौड़ाई और मोटाई तीनों का भाव । घननाद - संज्ञा पुं० मेघनाद । घनफल - संज्ञा पुं० लंबाई चौड़ाई और मोटाई (गहराई या ऊँचाई ) तीनों का गुणनफल | १. काला बादल । घनमूळ - संज्ञा पुं० गणित में किसी घन (राशि) का मूल अंक । घनश्याम - संज्ञा २. श्रीकृष्ण । घनसार-संज्ञा पुं० कपूर | घना - वि० [स्त्री० धनी ] १. सघन । २. विकट का । धनात्मक - वि० जिसकी लंबाई, चौड़ाई