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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/२५४

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चटपटा चटपटा - वि० [स्त्री० चटपटी ] मजेदार । चटपटी - संज्ञा स्त्री० [वि० चटपटिया ] १. शीघ्रता । २ घबराहट । चटवाना- क्रि० स० दे० " चटाना" । चटसार | - संज्ञा स्त्री० पाठशाला । चटाई - संज्ञा स्त्री० तृण का डासन । संज्ञा स्त्री० चाटने की क्रिया । चटाका - संज्ञा पुं० लकड़ी या और वि.सी कड़ी वस्तु के ज़ोर से टूटने का शब्द | घटाना- क्रि० स० चाटने वा काम कराना । चटापटी - संज्ञा स्त्री० शीघ्रता । चटाघन-संज्ञा पुं० अन्नप्राशन । चटोरा - वि० १. जिसे अच्छी अच्छी चीजें खाने की लत हो । २. ले भी । चटोरापन - संज्ञा पुं० अच्छी अच्छी चीजें खाने का व्यसन । चट्टा - वि० १. घाट पोंछकर खाया हुधा । २. समाप्त | चट्टा - संज्ञा पुं० चटियल मैदान । संज्ञा पुं० शरीर पर कुष्ठ श्रादि के कारण निकला हुआ चकत्ता । चट्टान - संज्ञा स्त्री० पहाड़ी भूमि के तर्गत पत्थर का चिपटा बड़ा टुकड़ा । चट्टी - संज्ञा स्त्री० पड़ाव | संज्ञा बी० स्लिपर । चट्ट - वि० चटोरा | a संज्ञा पुं० पत्थर का बड़ा खरल । चढ़त - संज्ञा स्त्री० देवता की भेंट । चढ़ना- क्रि० प्र० १. नीचे से ऊपर को जाना। २. चढ़ाई करना । ३. तमना । ४. सवार होना । ५. कर्ज़ होना । ६. दर्ज होना । ७. उद्वेग जनक प्रभाव होना । २४६ चतुगुण चढ़वाना- क्रि० स० चढ़ाने का काम दूसरे से कराना । चढ़ाई - संज्ञा स्त्री० १. चढ़ने की क्रिया या भाव । २. ऊँचाई की ओर ले जानेवाली भूमि । ३ धावा । चढ़ा उतरी-संज्ञा स्त्री० बार बार चढ़ने उतरने की क्रिया । चढ़ा ऊपरी - संज्ञा स्त्री० लाग-डाट । चढ़ाचढ़ी-संज्ञा स्त्री० दे० "चढ़ा- ऊपरी" । चढ़ाना- क्रि० स० १. चढ़ने में प्रवृत्त करना । २. ऐसा काम करना जिससे चढ़े । ३. पी जाना । चढ़ाव - संज्ञा पुं० १. चढ़ने की क्रिया या भाव । २. वृद्धि | चढ़ावा - संज्ञा पुं० १. वह गहना जो दूल्हे की ओर से दुलहिन को विवाह के दिन पहनाया जाता है । २. वह सामग्री जो विसी देवता को चढ़ाई जाय । ३. दम । चणक-संज्ञा पुं० चना । चतुरंग - संज्ञा पुं० १. चतुरंगिणी सेना । २. शतरंज । चतुरंगिणी - वि० स्त्री० चार अंगों- वाली । चतुर - वि० पुं० [स्त्री० चतुरा ] १. होशियार । २. धूर्त । चतुरई -संज्ञा स्त्री० दे० "चतुराई" । चतुरता - संज्ञा स्त्री० होशियारी । चतुरपन - संज्ञा पुं० दे० " चतुराई" | 'चतुरस्र - वि० चौकोर । चतुराई -संज्ञा स्त्री० १. होशियारी । २. धूत्तता । चतुरानन - संज्ञा पुं० ब्रह्मा । चतुर्गुण - वि० १. चौगुना । २. चार