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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/२६९

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चुकाना चुकाना - क्रि० स० अदा करना । चुकड़-संज्ञा पुं० पुरवा । सुगद - संज्ञा पुं० १. उल्लू पक्षी । २. मूर्ख । घुगना- क्रि० स० चिड़ियों का चच पीठ पीछे से दाना उठाकर खाना । चुगलखोर - संज्ञा पुं० शिकायत करनेवाला । चुगली - संज्ञा दूसरे की बिंदा जो उसकी अनुपस्थिति में की जाय । चुगाई - संज्ञा स्त्री० चुगने या चुगाने का भाव या क्रिया । चुगाना - क्रि० स० चिड़ियों को दाना या चारा डालना । चुचकारना- क्रि० स० चुमकारना । चुचकारी - संज्ञा स्त्री० चुचकारने या चुमकारने की क्रिया या भाव। चुचाना - क्रि० प्र० निचुड़ना । चुटक+ - संज्ञा पुं० कोड़ा । संज्ञा स्त्री० चुटकी । २६१ चुपका चुड़िहारा - संज्ञा पुं० [अ० चुरिहारिन ] बेचनेवाला । चुड़ल - संज्ञा स्त्री० १. भुतनी । डायन । २. दुष्टा । चुनचुनाना - क्रि० प्र० कुछ जलन लिए हुए चुभने की सी पीड़ा होना । चुनन - संज्ञा स्त्री० शिकन । चुनना - क्रि० स० १. छोटी वस्तुओं को एक एक करके उठाना । २. छटि छाँटकर अलग करना । ३. सजाना । ४. दीवार उठाना । ५. कपड़े में चुनन या सिकुड़न डालना । चुनरी-संज्ञा स्त्री० वह रंगीन कपड़ा जिसके बीच बीच में बुंदकियाँ होती हैं । चुनवाना- क्रि० स० दे० "चुनाना" । चुनाई - संज्ञा स्त्री० १. चुनने की क्रिया या भाव। २. दीवार की जोड़ाई या उसका ढंग । ३. चुनने की मज़दूरी । चुटकना - क्रि० स० कोड़ा या चाबुक चुनाना - क्रि० स० चुनने का काम मारना । क्रि० स० चुटकी से तोड़ना । चुटकी - - संज्ञा स्त्री० किसी वस्तु को पकड़ने, दबाने या लेने आदि के लिये गूठे और पास की गली का मेल । चुटकुला - संज्ञा पुं० १. मजेदार बात | २. लटका । चुटफुट +-संज्ञा स्त्री० फुटकर वस्तु । चुटिया - संज्ञा स्त्री० शिखा । धुंदी | बुटीला - वि० जिसे चोट या घाव लगा हो । संज्ञा पुं० अगल बगल की पतली चोटी । वि० सिरे का । चुटेल - वि० घायल | दूसरे से कराना । चुनाव-संज्ञा पुं० १. चुनने का काम । २. बहुतों में से कुछ को किसी कार्य के लिये पसंद या नियुक्त करना । चुनिंदा - वि० १. चुना हुआ । २. बढ़िया । चुनी - संज्ञा स्त्री० दे० "चुनी" । चुनौटी -संज्ञा स्त्री० चूना रखने की डिबिया । चुनौती - संज्ञा खो० १. उत्तेजना । २. लतकार । चुन्नी -संज्ञा खी० छोटा टुकड़ा । चुप - वि० मौन | 1 संज्ञा स्त्री० न बोलना । चुपका - वि० [स्त्री० चुपकी ] मौन ।