जवाबदेह २८३ जय बादी के निवेदन-पत्र के उत्तर में प्रति जहाज़ी - वि० जहाज़ से संबंध रखने- वादी लिखकर अदालत में देता है । जवाबदेह - वि० [ संज्ञा जवाबदेही ] उत्तरदाता । जवाबी - वि० जिसका जवाब देना हो । जवारा - संज्ञा पुं० जैौ के हरे अंकुर । सवाल- संज्ञा पुं० १. अवनति । २. जंजाल | जवास, जवासा- संज्ञा पुं० एक प्रकार का कँटीला पौधा । जवाहर - संज्ञा पुं० रन । जवाहरात -संज्ञा पुं० रक्ष-समूह | जवैया | - वि० जानेवाला । जशन -संज्ञा पुं० उत्सव | जस- क्रि० वि० जैसा । + संज्ञा पुं० दे० " यश" । जस्ता - संज्ञा पुं० खाकी रंग की एक प्रसिद्ध धातु । जह- क्रि० वि० दे० " जहाँ" । जहन्नुम - संज्ञा पुं० नरक । सहमत - संज्ञा स्त्री० १. श्राकृत । २. झंझट । ज़हर - संज्ञा बी० विष । जहर मोहरा - संज्ञा पुं० १. एक काला पत्थर जिसमें सपि का विष दूर करने का गुण माना जाता है । २. हरे रंग का एक विषघ्न्न पत्थर । ज़हरीला - वि० विषैला । जहां- क्रि० वि० जिस स्थान पर । जहाँगीरी - संज्ञा स्त्री० १. हाथ में पहनने का एक जड़ाऊ गहना । २. एक प्रकार की चूड़ी । जहाँपनाह-संज्ञा पुं० संसार का रचक | जहाज-संज्ञा पुं० समुद्र में चलनेवाली बड़ी नाव । वाला । जहान-संज्ञा पुं० संसार । जहालत-संज्ञा स्त्री० अज्ञान । जहीं- अभ्य० जहाँ ही । अप० दे० "ज्यों ही" । ज़हीन - वि० बुद्धिमान । जहेज़ - संज्ञा पुं० वह धन-संपत्ति जो विवाह में कन्या पक्ष की ओर से वर को दी जाती है । जाँगड़ा - संज्ञा पुं० भाट । जांगलू - वि० गँवार । जांघ - संज्ञा स्त्री० घुटने और कमर के बीच का अंग । जांघिया - संज्ञा पुं० काछा | जाँच - संज्ञा स्त्री० १. परीक्षा । २. तहकीकात । जाँचकः +- संज्ञा पुं० दे० "जाचक" । जाँचना - क्रि० स० १. परीक्षा करना । २. मांगना । जात, जाँता - संज्ञा पुं० श्राटा पीसने की बड़ी चक्की | जाँब +- संज्ञा पुं० दे० " जामुन" । जांबधान - संज्ञा पुं० सुग्रीव का मंत्री, एक भालु, जो राम की सेना में लड़ा था । जाँवर +-संज्ञा पुं० गमन । जा + - सर्व० जिस । वि० मुनासिब । जाई - संज्ञा स्त्री० बेटी | जाकड़ - संज्ञा पुं० माल इस शर्त पर ले माना कि यदि वह पसंद न होगा, तो फेर दिया जायगा । जाग-संज्ञा स्त्री० जागने की क्रिया या भाव ।
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