जिस्ता विभक्ति लगने के पहले प्राप्त होता है। जिस्ता-संज्ञा पुं० १. दे० " जस्ता " । 1 २. दे० " दस्ता” । जिस्म-संज्ञा पुं० शरीर । ज़िहन - संज्ञा पुं० समझ । जिहाद - संज्ञा पुं० मज़हबी लड़ाई । जिह्वा-संज्ञा स्त्री० जीभ । जींगन + - संज्ञा पुं० जुगनू । जी-संज्ञा पुं० मन । अव्य० एक सम्मान सूचक शब्द जो किसी के नाम के श्रागे लगाया जाता है अथवा किसी बड़े के कथन, प्रश्न या संबोधन के उत्तर में संक्षिप्त प्रति संबोधन के रूप में प्रयुक्त होता है। जीन, जीउ -संज्ञा पुं० दे० "जी", "जीव" । जीगन-संज्ञा पुं० दे० "जुगनू" । जीजा-संज्ञा पुं० बड़ी बहिन का पति । जीजी - संज्ञा बी० बड़ी बहिन । जीत-संज्ञा स्त्रो० विजय | जीतना - क्रि० स० विजय प्राप्त करना । जीता - वि० १. जीवित । २. जीवित । २. तौल या नाप में ठीक से कुछ बढ़ा हुआ जीन - वि० जर्जर | २८८ जीयति । - संज्ञा स्त्री० जीवन । जीवरि जीर - संज्ञा पुं० १. जीरा । २. केसर । ३. खड्ग ।
- संज्ञा पुं० जिरह ।
- वि० जीर्ण ।
जीरण- वि० दे० "जी" । जीरा - संज्ञा पुं० १. दो हाथ ऊँचा एक पौधा जिसके सुगंधित छोटे फूलों के गुच्छों को सुखाकर मसाले के काम में लाते हैं । २. फूलों का केसर । जीरी - संज्ञा पुं० एक प्रकार का अगहनी धान जो कई बरसों तक रह सकता है । जीर्ण - वि० बहुत दिनों का । जीरा ज्वर-संज्ञा पुं० पुराना बुखार । जीर्णता - संज्ञा स्त्री० १. बुढ़ापा । २. पुरानापन | | जीर्णोद्धार- संज्ञा पुं० मरम्मत | जीवंत - वि० जीता जागता । जीव-संज्ञा पुं० १. प्राणियों का चेतन तत्त्व । २. प्राण । जीवक-संज्ञा पुं० १. प्राण धारण करनेवाला । २. सेवक । जीवट - संज्ञा पुं० साहस । जीवदान - संज्ञा पुं० प्राणदान | २. जीवधारी - संज्ञा पुं० प्राणी । सीन - संज्ञा पुं० १. चारजामा । एक प्रकार का बहुत मोटा सूती कपड़ा । ग्रीनपोश -संज्ञा पुं० ज़ीन के ऊपर ढकने का कपड़ा | जीनसवारी - संज्ञा स्त्री० घोड़े पर ज़ीन रखकर चढ़ने का कार्य्य । जीना - क्रि० प्र० जीवित रहना । जीना - संज्ञा पुं० सीढ़ी । जीमना - क्रि० स० भोजन करना । जीय- संज्ञा पुं० दे० "जी" । जीयट - संथा पुं० दे० " जीवट " । जीवन-संज्ञा पुं० [वि० जीवित ] जिंदगी । जीवनधन- संज्ञा पुं० प्राणप्रिय । जीवनबूटी - संज्ञा स्त्री० संजीवनी । जीवन मूरि-संज्ञा स्त्रीं० १. जीवनबूटी । २. अत्यंत प्रिय वस्तु । जीवनी -संज्ञा बी० जीवन भर का वृत्तांत | जीवनेोपाय -संज्ञा पुं० जीविका । जीवयोनि - संज्ञा स्त्री० जीव जंतु । जीवरा-संज्ञा पुं० जीव । जीवरि | संज्ञा पुं० जीवन ।