दंडधर रुपया न दे सकने के कारण दास हुश्रा हो । दडधर-संज्ञा पुं० १. यमराज । २. शासनकर्त्ता । ३. संन्यासी । दंडधार - संज्ञा पुं० १. यमराज । २. राजा । दंडन - संज्ञा पुं० [वि० दंडनीय, दंडित, दड्य ] शासन | दंडना - क्रि० स० दंड देना । दंडनायक - संज्ञा पुं० १. सेनापति । २. दंड विधान करनेवाला राजा या हाकिम | दंडनीति-संज्ञा स्त्री० दंड देकर अर्थात् पीड़ित करके शासन में रखने की राजाओं की नीति । दंडनीय - वि० दंड देने योग्य । दंडपाणि - संज्ञा पुं० १. यमराज । २. भैरव की एक मूर्त्ति । दंड प्रणाम - संज्ञा पुं० दंडवत् । दंडवत् - संज्ञा ३५१ दंशन दंतकथा - संज्ञा स्त्री० ऐसी बात जिसे बहुत दिनों से लोग एक दूसरे से सुनते चले आए हों और जिसका कोई पुष्ट प्रमाण न हो । दंतच्छद - संज्ञा पुं० श्रेष्ठ । दंतधावन - संज्ञा पुं० १. दातुन करने की क्रिया । २. दतौन । दतिया- संज्ञा स्त्री० छोटे छोटे दाँत । दते । ष्ठ्य - वि० (वर्ण) जिसका उच्चा- दाँत और श्रठ से हो । दंत्य - वि० दंत-संबंधी | दंद-संज्ञा स्त्री० किसी स्थान से निक- लती हुई गरमी । संज्ञा पुं० लड़ाई-झगड़ा । ददाना -संज्ञा पुं० [ वि० दंदानेदार ] दांत के आकार की उभरी हुई वस्तु- नों की पंक्ति । दंदी - वि० झगड़ालू / स्त्री० पृथ्वी पर लेटकर दंपति, दंपती - संज्ञा पुं० पति-पत्नी किया हुआ नमस्कार । दंड विधि - संज्ञा स्त्री० अपराधों के दंड से संबंध रखनेवाला नियम या व्यवस्था । दंडायमान- वि० डंडे की तरह सीधा खड़ा । दंडालय - संज्ञा पुं० न्यायालय | दंडिका - संज्ञा स्त्री० बीस अक्षरों की वर्णवृत्ति । इंडित - वि० पुं० जिसे दंड मिला हो। दंडी - संज्ञा पुं० १. दंड धारण करने- वाला व्यक्ति । २. यमराज । ३. राजा । ४. द्वारपाल । ५. वह संन्यासी जो दंड और कमंडलु धारण करे । दंड्य - वि० दंड पाने योग्य । । का जोड़ा | दंपा - संज्ञा स्त्री० बिजली | दंभ - संज्ञा पुं० [वि० दंभो ] १. महत्त्व दिखाने या प्रयोजन सिद्ध करने के लिये झूठा आडंबर । २. झूठी ठसक । दंभी - वि० १. पाखंडी । २. श्रभिमानी । दभोलि - संज्ञा पुं० वज्र | देवरी - संज्ञा खा० अनाज के सूखे डंठलों में से दाने झाड़ने के लिये उसे बैलों से रौंदवाने का काम । दंश-संश पुं० १. वह घाव जो दाँत काटने से हुआ हो । २. दाँत काटने की क्रिया । दंशक-संज्ञा पुं० दाँत से काटनेवाला । दंशन - संज्ञा पुं० [ वि० दंशित, दंशी ] दाँत से काटना ।
पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/३५९
दिखावट