दाहक्रिया दाहक्रिया - संज्ञा स्त्री० मृतक को जलाने का संस्कार । दाहन - संथा पुं० जलाने का काम । दाहना- क्रि० स० जलाना । वि० दे० " दाहिना" । दाहिना- वि० [स्त्री० दाहिनी] १. दक्षिण । २. उधर पड़नेवाला जिधर दाहिना हाथ हो । ३. अनुकूल । दाहिने - क्रि० वि० दाहिने हाथ की दिशा में । दाही - वि० वाला । [स्त्री० दाहिनी ] जलाने- दिवली - संज्ञा स्त्री० मिट्टी का बना हुआ बहुत छोटा दीया या कसोरा । दिश्रा - संज्ञा पुं० दे० "दीया" । दिश्राना- क्रि० स० दे० " दिलाना" । दिक-संज्ञा स्त्री० दिशा । दिक - वि० १. तंग । २. अस्वस्थ । संज्ञा पुं० क्षयी रोग । दिक्क - वि० संज्ञा पुं० दे० " दिकु" । दिक्कत - संज्ञा स्त्री० १. कष्ट । कठिनता । २. दिक्करी- संज्ञा पुं० दे० "दिग्गज" । दिकपाल - संज्ञा पुं० १. पुराणानुसार दस दिशाओं के पालन करनेवाले देवता । २. चौबीस मात्राओं का एक छंद । दिक्शूल - संज्ञा पुं० फलित ज्योतिष के अनुसार कुछ विशिष्ट दिने। में कुछ विशिष्ट दिशाओं में काल का वास। जिस दिन जिस दिशा में दिकशूल माना जाता है, उस दिन उस दिशा की ओर यात्रा करना बहुत ही अशुभ माना जाता है । ३६५ दिगंबरता विधि जिससे दिशाओं का ज्ञान हो । दिखना i - क्रि० प्र० दिखाई देना । दिखलवाई - संज्ञा बी० १. वह धम जो दिखलवाने के बदले में दिया जाय । २. दे० " दिखलाई" । दिखलघाना - क्रि० स० दिखलाने का काम दूसरे से कराना । दिखलाई - संज्ञा स्त्री० १. दिखलवाने की क्रिया या भाव। २. वह धन जो दिखलाने के बदले में दिया जाय । दिखलाना - क्रि० स० दिखाना । दिखहार-संज्ञा पुं० देखनेवाला । दिखाई -संज्ञा स्त्री० दिखाने का काम । देखने या दिखाने के जाय । दिखाऊ / - वि० बनावटी । १. देखने या २. वह धन जो बदले में दिया १. दर्शनीय । २. दिखा दिखी - संज्ञा स्त्री० दे० "देखा- देखी" | दिखाना- क्रि० स० दे० " दिखलाना" । दिखाव - संज्ञा पुं० १. देखने का भाव या क्रिया । २. दृश्य । दिखावटी - वि० दे० "दिखाचा" । दिखावा - संज्ञा पुं० श्राडंबर | दिखैया । - संज्ञा पुं० दिखलाने या देखनेवाला । दिखौना - वि० बनावटी । दिगंत -संज्ञा पुं० दिशा का छोर । दिगंतर-संज्ञा पुं० दो दिशाओं के बीच का स्थान | । । दिगंबर- संज्ञा पुं० १. शिव । २. नंगा रहनेवाला जैन यति । वि० नंगा | दिकसाधन-संज्ञा पुं० वह उपाय या दिगंबरता - संज्ञा श्री० नंगापन |
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