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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/३८३

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दुरना दूर करना । दुरनाt - क्रि० प्र० १. आँखों के आगे से दूर होना । २. छिपना । दुरपदी 1 - संज्ञा सी० दे० "द्रौपदी" |

  • स्त्री०

दुरभिसंधि - संज्ञा स्त्री० बुरे श्रभिप्राय से गुट बांधकर की हुई सलाह । दुरभेव । - संज्ञा पुं० बुरा भाव । दुरमुस- संज्ञा पुं० गदा के श्राकार का डंडा, जिससे कंकड़ या मिट्टी पीटकर बैठाई जाती है । दुरवस्था - संज्ञा स्त्री० बुरी दशा । दुराउ+-संज्ञा पुं० दे० "दुराव" । दुराग्रह - संज्ञा पुं० [वि० दुराग्रही] हठ | दुराचरण -संज्ञा पुं० बुरा नाल-चलन । दुराचार - संज्ञा पुं० [वि० दुराचारी ] दुष्ट आचरण | दुराज-संज्ञा पुं० बुरा राज्य । संज्ञा पुं० एक ही स्थान पर दो राजाओं का राज्य या शासन | दुराजी - वि० दो राजाओं का । दुरात्मा-वि० दुष्टात्मा । दुरादुरी - संज्ञा जी० छिपाव । दुराधर्ष - वि० प्रबल | दुराना- क्रि० प्र० दूर होना । क्रि० स० दूर करना । दुरालभा-संज्ञा स्त्री० १. जवासा । २. कपास । दुराव - संज्ञा पुं० १. भेदभाव । दुराव-संज्ञा कपट । दुराशय-संज्ञा पुं० दुष्ट प्राशय । बि० खोटा । २. दुराशा - संज्ञा स्त्री० व्यर्थ की आशा । दुरित-संज्ञा पुं० पाप । बि० पापी । ३७५ दुर्दशा . मुँह हों । २. जिसके दोनों भोर दो रंग हों । दुरुपयोग - संज्ञा पुं० बुरा उपयोग । दुरुस्त - वि० १. ठीक । २. जिसमें दोष या टिन हो । ३. उचित । दुरुस्ती - संज्ञा स्त्री० सुधार । दुरुह - वि० गुढ़ | दुर्गंध - संज्ञा स्त्री० बदबू । दुर्ग - वि० जिसमें पहुँचना कठिन हो । सज्ञा पुं० किला | दुर्गत- वि० जिसकी बुरी गति हुई हो । संज्ञा स्त्री० दे० "दुर्गति" । दुर्गति - संज्ञा स्त्री० दुर्दशा । दुर्गपाल - संज्ञा पुं० किलेदार | गम - वि० १. जहाँ जाना कठिन हो । २. कठिन । सज्ञा पुं० १. गढ़ । २. वन । दुर्गरक्षक-संज्ञा पुं० किलेदार | द ुर्गा - संज्ञा स्त्री० देवी । इनका अनेक असुरों को मारना प्रसिद्ध है । दुर्गुण-संक्षा पुं० बुरा गुण । दुर्घट - वि० जिसका होना कठिन हो । द ुर्घटना - संज्ञा खी० वारदात । द ुर्जन- संज्ञा पुं० दुष्ट जन । दुर्जय - वि० जिसे जीतना बहुत कठिन हो । दुर्ज्ञेय - वि० जो जल्दी समझ में न श्री सके । द दमनीय - वि० १. जिसका दमन करना बहुत कठिन हो । २. प्रचंड । द र्दम्य - वि० दे० "दुर्दमनीय" । दुरुखा - वि० १. जिसके दोनों धोर दुर्दशा -संज्ञा स्त्री० बुरी दशा ।