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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/४१४

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नत्थी नत्थी - संज्ञा बी० काग़ज़ या कपड़े आदि के कई टुकड़ों को एक साथ मिलाकर सबको एक ही में बांधना या फँसाना । नथ - संज्ञा श्री० बाली की तरह का नाक का एक गहना । नथना - संज्ञा पुं० १. नाक का अगला भाग । २. नाक का छेद । क्रि० प्र० १. किसी के साथ नत्थी होना । २. छिदना । नथनी - संज्ञा स्त्री० नाक में पहनने की छोटी नथ । नथिया, नथुनी | - संज्ञा स्त्री० दे० "नथ” । - नद-संज्ञा पुं० बढ़ी नदी अथवा ऐसी नदी जिसका नाम पुलिंग वाची हो । नदराज - संज्ञा पुं० समुद्र । नदारद - वि० ग़ायब | नदिया* 1-संज्ञा स्त्री० दे० "नदी" । नदी-संज्ञा स्त्री० दरिया नदीश - संज्ञा पुं० समुद्र | नद्ध - वि० बँधा हुआ । २. नधना- क्रि० प्र० १. जुतना । जुड़ना । ३. काम का उनना । ननँद, ननद-संज्ञा श्री० पति की बहिन | ननदोई -संज्ञा पुं० ननद का पति । ननसार - संज्ञा स्त्री० दे० " ननिहाल " । ननिहाल - संज्ञा पुं० नाना का घर । नन्हा - वि० [ स्त्री नन्हीं ] छोटा । नन्हाई:- संज्ञा स्त्री० छोटापन | नपाई - संज्ञा स्त्री० नापने का काम, भाव या मज़दूरी । नपाक+-वि० अपवित्र । ४०६ नमनीय कामेच्छा बहुत ही कम हो और किसी विशेष उपाय से जाग्रत हो । २. हिजड़ा । नपुंसकता - संज्ञा स्त्री० १. नपुंसक होन का भाव । २. नामर्दी । नपुंसकत्व - संज्ञा पुं० नामर्दी | नफरत - संज्ञा स्त्री० घिन । नफरी - संज्ञा स्त्री० १. एक मज़दूर की एक दिन की मज़दूरी या काम । २. मजदूरी का दिन । नफा - संज्ञा पुं० लाभ । नफासत - संज्ञा स्त्री० उम्दापन | नफीस - वि० १. उमदा । २. सुंदर । नबी- संज्ञा पुं० रसूल । नवेड़ना- क्रि० स० तै करना । नबेड़ा - संज्ञा पुं० फैसला । नब्ज़ - संज्ञा स्त्री० नाही । नभ - संज्ञा पुं० श्राकाश । नभचर - संज्ञा पुं० दे० " नभश्चर" । नभश्वर - वि० श्राकाश में चलनेवाला । नभस्थल - संग पुं० श्राकाश । नम - वि० संज्ञा नमी ] गीला । नमक- मंज्ञा पुं० लवण । नान । नमक ख़्वार - वि० नमक खानेवाला । नमकसार-संज्ञा पुं० वह स्थान जहाँ नमक निकलता या बनता हो । नमकहराम - संज्ञा पुं० [ संज्ञा नमक- हरामी ] कृतघ्न | नमकहलाल - संज्ञा पुं० [ संज्ञा नमक- हलाली ] स्वामिभक्त । नमकीन - वि० जिसमें नमक का सा स्वाद हो नमन - संज्ञा पुं० [वि० नमनीय, नमित ] प्रणाम । नपुंसक -संज्ञा पुं० १. वह पुरुष जिसमें नमनीय- वि० १. आदरणीय । २. ।