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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/४१६

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नरसिंघ नरसिंघ - संज्ञा पुं० " नृसि ंह" । नरसिंघा - संज्ञा पुं० तुरही की तरह का एक प्रकार का नल के आकार का ताँबे का बड़ा बाजा जो फूँककर बजाया जाता है । नरहरि - संज्ञा पुं० नृसिंह भगवान् जो दस अवतारों में से चौथे अव- तार हैं 1 नरांतक - संज्ञा पुं० रावण का एक पुत्र जिसे अंगद ने मारा था । नराच - संज्ञा पुं० तीर । नरी - संज्ञा स्त्री० १. मुलायम चमड़ा । २. एक घास । संज्ञा श्री० नली । संज्ञा स्त्री० नारी । नरेंद्र -संज्ञा पुं० राजा | नरेश -संज्ञा पुं० राजा । नरोत्तम -संज्ञा पुं० ईश्वर । नर्त्तक-संज्ञा पुं० [स्त्री० नर्तकी ] १. नाचनेवाला । २. बंदीजन । नर्तकी संज्ञा स्त्री० नाचनेवाली । नर्त्तन -संज्ञा पुं० नाच | नर्त्तना-क्रि० प्र० नाचना । नर्द-संज्ञा स्त्री० चौसर की गोटी । नर्दन - संज्ञा स्त्री० भीषण ध्वनि । नर्म-संज्ञा पुं० परिहास | वि० दे० "नरम" । नर्मदा - संज्ञा स्त्री० मध्य प्रदेश की एक नदी जो अमरकंटक से निकलकर भड़ौच के पास खंभात की खाड़ी में गिरती है । नर्मदेश्वर-संज्ञा पुं० एक प्रकार के अंडाकार शिवलिंग जो नर्मदा नदी से निकलते हैं । ४०८ नवयुवक नल - संज्ञा पुं० १. विषध देश के चंद्र- वंशी राजा वीरसेन के पुत्र । दम- यंती के साथ इनका विवाह हुआ था । नल और दमयंती घोर कष्ट भोगने के लिये प्रसिद्ध हैं । २. राम की सेना का एक बंदर जो विश्वकर्मा का पुत्र माना जाता है । संज्ञा पुं० १. धातु आदि का बना पोला गोल लंबा खंड । २. हुश्रा वह मार्ग जिसमें से होकर गंदगी और मैला श्रादि बहता हो । नलिका-संज्ञा स्त्री० चोंगा | नलिनी-संज्ञा स्त्री० कमल । नलिनीरुह - संज्ञा पुं० १. कमल की नाम । २. ब्रह्मा । नली - संज्ञा स्त्री० छोटा चोंगा | नव - वि० १. नया । २. नौ । नवग्रह - संज्ञा पुं० फलित ज्योतिष में सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु ये नौ ग्रह । नवदुर्गा - संज्ञा खो० पुराणानुसार ना दुर्गाएँ जिनकी नवरात्र में नौ दिनों तक क्रमशः पूजा होती है । नवधा भक्ति-संज्ञा स्त्री० नौ प्रकार की भक्ति । नवना -- क्रि० प्र० झुकना । नवनीत-संज्ञा पुं० मक्खन । नवम - वि० जो गिनती में नौ के स्थान पर हो । नवमल्लिका - संज्ञा खी० चमेली । नवमी -संज्ञा खो० चांद्र मास के किसी पक्ष की नवीं तिथि । नवयुवक -संज्ञा पुं० [ खी० नवयुवतो ] नौजवान |