नीजब नीजन-संज्ञा पुं० निर्जन स्थान । नीमर - संज्ञा पुं० सेोता । नीठि -संज्ञा श्री० अरुचि । क्रि० वि० १. ज्येो त्यो करके । २. कठिनता से । नीठो - वि० अनिष्ट । नीड़ -संज्ञा पुं० चिड़ियों का घोंसला । नीति -संज्ञा स्त्री० १. आचार पद्धति | २. सदाचार । ३. राजविद्या । ४. उपाय । नीतिज्ञ - वि० नीति का जाननेवाला । नीतिमान् - वि० [स्त्री० नोतिमतो ] सदाचारी । नीतिशास्त्र -संज्ञा पुं० वह शास्त्र जि- समें देश, काल और पात्र के अनु सार बरतने के नियम हो । नीदना - क्रि० स० निंदा करना । नीधना - वि० दरिद्र । नीबी - संज्ञा त्रा० दे० "नीत्री" । नीबू - संज्ञा पुं० मध्यम आकार का एक पेड़ या झाड़ जिसका फल गोल, छोटा और खट्टा होता है और खाया जाता है । नीम- संज्ञा पुं० पत्ती झाड़नेवाला एक पेड़ जिसका प्रत्येक भाग कडुवा होता है । ० श्राधा । वि० नीमन + - वि० १. नीरोग । २. दुरुस्त । ३. बढ़िया । नीमरज़ा - वि० १. थोड़ीब-हुत रज़ा- मंदी । २. कुछ तोष या प्रसन्नता । नीमा-संज्ञा पुं० एक पहनावा जो जामे के नीचे पहना जाता है । नीमावत - संज्ञा पुं० निंबार्काचार्य का अनुयायी वैष्णव । नीयत -संज्ञा स्त्री० उद्देश्य | ४३१ नीर-संज्ञा पुं० पानी । नीलिमा नीरज -संज्ञा पुं० १. जल में उत्पन 1 वस्तु । २. कमल । ३. मेोती । नीरद-संज्ञा पुं० बादल । वि० बे-दाँत का । नीरधि - संज्ञा पुं० समुद्र । नीरस - वि० १. सूखा । २. फीका । नीरांजन-संज्ञा पुं० भारती । नीरोग - वि० चंगा । नील- वि० नीले रंग का । सज्ञा पुं० १. नीला रंग । २. कलंक । ३ राम की सेना का एक बंदर | नीलकंठ - वि० जिसका कंठ नीला हो । संज्ञा पुं० १. मेर । २. एक प्रकार की चिड़िया जिसका कंठ और डैने नीले होते हैं । ३. महादेव । नीलकांत - संज्ञा पुं० १. एक पहाड़ी चिड़िया । २. विष्णु । ३. नीलम मणि । नीलगाय -संज्ञा स्त्री० नीजापन लिए भूरे रंग का एक बड़ा हिरन जो गाय के बराबर होता है । नीलचक्र - संज्ञा पुं० जगन्नाथजी के मंदिर के शिखर पर माना जानेवाला चक्र | नीलम -संज्ञा पुं० नीलमणि । नीलमणि - संज्ञा पुं० नीलम | नीललोहित-बि० बैंगनी । संज्ञा पुं० शिव का एक नाम । वि० नीले कपड़े धारण करनेवाला | नीलांबुज - संज्ञा पु० नील कमल । नीला - वि० श्राकाश के रंग का । नीलाम - संज्ञा पु० बोली बोलकर बेचना । नीलिमा - संज्ञा स्त्री० १. नीलापन | २. श्यामता ।
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