पनिहा ३. पनिहा - वि० १. पानी में रहनेवाला । २. जिसमें पानी मिला हो । पानी-संबंधी । संज्ञा पुं० भेदिया । पनी - संथा पुं० प्रतिज्ञा करनेवाला । पनीर - संज्ञा पुं० १. छेना । २. वह दही जिसका पानी निचोड़ लिया गया हो । I पनीला - वि० जलयुक्त । पनुश्र | - वि० फीका 1 पन - वि० १. गिरा हुआ । २. नष्ट । पन्नग संज्ञा पुं० [स्त्री० पन्नगी ] - सर्प । २. पचा । १. पन्नगपति-संज्ञा पुं० शेषनाग । पन्नगारि - संज्ञा पुं० गरुड़ । पन्ना - संज्ञा पुं० मरकत । पनीसाज़ - संज्ञा पुं० पक्षी बनाने का काम करनेवाला | पन्हाना - क्रि० प्र० दे० " पिन्हाना " । क्रि० स० १. दे० " पिन्हाना " । २. दे० "पहनाना" | वस्तु पपड़ा - संज्ञा पुं० [स्त्री० अल्पा० पपड़ी ] १. लकड़ी का रूखा करकरा और पतला छिलका | २. रोटी का छिलका | पपड़ी - संज्ञा स्त्री० १. किसी की ऊपरी परत जो तरी या चिकनाई के श्रभाव के कारण कड़ी और सिकुड़- कर जगह जगह से चिटक गई हो । २. घाव के ऊपर मवाद के सूख जाने से बना हुआ प्रावरण या परत । पपीहा - संज्ञा पुं० चातक पपीता -संज्ञा पुं० एक प्रसिद्ध वृष जिसके पके फल खाए जाते हैं । पपोटा - संज्ञा पुं० पलक । २६ ર परई पय संज्ञा पुं० १. दूध । २. जत । पयद - संज्ञा पुं० दे० "पयाद" । पर्यानिधि - संज्ञा पुं० दे० "पयो- निधि' । पयस्विनी - संज्ञा खो० १. दूध देने- वाली गाय । २. बकरी । ३. नदी । पयस्वी - वि० [स्त्री० पयस्विनी ] पानी वाला । पयहारी-संश पुं० दूध पीकर रह जानेवाला तपस्वी या साधु | पयान-संज्ञा पुं० गमन । पयार, पयाल - संज्ञा पुं० पुराल | पयोज -संज्ञा पुं० कमल । पयोद - संज्ञा पुं० बादल । पयोधर - संज्ञा पुं० १. स्तन । २. बादल । ३. तालाब । ४. पर्वत । पयोधि-संज्ञा पुं० समुद्र । पयोनिधि - संज्ञा पुं० समुद्र | परंच - अव्य० १. और भी । तो भी । २. परंतप - वि० १. वैरियों को दुःख देनेवाला । २. जितेंद्रिय । परंतु अव्य० पर । - परंपरा - संज्ञा बी० १. अनुक्रम । २. वंशपरंपरा | परंपरागत वि० परंपरा से चला श्राता हुआ । पर - वि० १. ग़ैर । २. पराया । ३. जुदा । ४. दूर | प्रत्य० सप्तमी या अधिकरण का चिह्न | अव्य० १ पश्चात् । २. परंतु । संज्ञा पुं० पंख | परई । -संज्ञा खो० दीए के आकार का पर उससे बड़ा मिट्टी का एक बरतन । ।
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