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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/४६८

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पलंग पलंग संज्ञा पुं० [ खी० अल्पा० पलॅगड़ी ] अच्छी और बड़ी चारपाई । पर्यक। पलंगपोश - संज्ञा पुं० पलंग पर बिछाने की चादर । पलॅगिया + - संज्ञा स्त्री० छोटा पलंग । पल - संज्ञा पुं० १. घड़ी या दंड का ५० भाग । २. पलक । ३. क्षण । पलक - संज्ञा स्त्री० १. क्षण । २. के ऊपर का चमड़े का परदा । पलक - दरिया । - वि० दानी | श्रीख बहुत बड़ा पलकनेवाज + - वि० दे० दरिया" | "पलक- पलका - संज्ञा पुं० [स्त्री० पलकी ] पलंग । पलटन - संज्ञा स्त्री० १. अँगरेज़ी पैदल सेना का एक विभाग । २. दल । पलटना- क्रि० प्र० १. उलट जाना | ( क्व० ) २. परिवर्तन होना । ३. घूमना । क्रि० ० स० १. उलटना । २. वापस करना । पलटनिया-संज्ञा पुं० सिपाही । पलटा - संज्ञा पुं० १. परिवर्तन । बदला । ४६० पलित पलनाना + क्रि० स० घोड़े पर जोन कसकर उसे चलने के लिये तैयार करना । पलवा। -संज्ञा पुं० चुल्लू । पलघाना- क्रि० स० किसी से पालन कराना । पलवैया -संज्ञा पुं० पालक | पलस्तर -संज्ञा पुं० लेट । पलहना- क्रि० प्र० बहलहाना । पलहा:- संज्ञा पुं० कपल । पलांडु - संज्ञा पुं० प्याज़ । पला-संज्ञा पुं० पक्ष ।

  • संज्ञा पुं० १. तराजू का पलड़ा ।

२. किनारा । । पलान - संज्ञा पुं० वह गद्दी या चार- जामा जो जानवरों की पीठ पर बादने या चढ़ने के जाता है। लिये कसा पलानना - क्रि० स० १ घोड़े धादि चढ़ाई की पर पलान कसना । २. तैयारी करना । पलाना - क्रि० अ० भागना । क्रि० स० भगाना | पलायन - संज्ञा पुं० भागना । २. पलायित - वि० भागा हुआ । पलटाना-क्रि० स० १. लैटिना । २. बदलना । तराजू का पल्ला । ५ और पलड़ा + - संज्ञा पुं० पलथी| संज्ञा स्त्री० वह प्रासन जिसमें दाहिने पैर का पंजा बाएँ बाएँ पैर का पंजा दाहिने पट्ट े के नीचे दबाकर बैठते हैं । पलना- क्रि० प्र० भ० १. पाला-पोसा जाना । २. खा-पीकर हृष्ट-पुष्ट होना ।

  • + संज्ञा पुं० दे० "पालना" |

पलाश - संज्ञा पुं० १. पलास । २ पत्ता । ३. रानस । वि० मांसाहारी । पलाशी - वि० मांसाहारी । संज्ञा पु० राक्षस | पलास - संज्ञा पुं० १. एक प्रसिद्ध वृक्ष जो चुप, लता और वृक्ष - इन तीन रूपों में पाया जाता है । २. ढाक । पलित - वि० [स्त्री० पलिता ] १. वृद्ध । २ पका हुआ या सफेद (बाल) । संज्ञा पुं० १. सिर के बालों का