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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/४७६

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पाटलिपुत्र पाटलिपुत्र, पाटलीपुत्र - संज्ञा पुं० मगध का एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक नगर जो इस समय भी बिहार का मुख्य नगर है। पटना । पाटव-संज्ञा पुं० १. पटुता । कुश - बता । २. बढ़ता । मज़बूती । ३. आरोग्य | पाटा - संज्ञा पुं० लकड़ी का पीढ़ा । पाटी-संज्ञा बी० परिपाटी । अनुक्रम | रीति । संज्ञा पुं० १. लकड़ी की वह पट्टी जिस पर छात्र लिखने का अभ्यास करते । तख्ती । पटिया । २. मांग के दोने और कंघी द्वारा बैठाए हुए बाल । पट्टी । पटिया । ३. चार- पाई के ढांचे में लंबाई की ओर की पट्टी । ४. चटाई । पाठ-संज्ञा पुं० १. पढ़ने की क्रिया या भाव | पढ़ाई । २. वह जो कुछ पढ़ा या पढ़ाया जाय । सब । ३. परिच्छेद । श्रध्याय । पाठक- संज्ञा पुं० १. पढ़नेवाला । वाचक । २. पढ़नेवाला । श्रध्यापक । पाठदोष-संज्ञा पुं० पढ़ने का वह ढंग जो निंद्य और वर्जित है । जैसे कठोर स्वर से पढ़ना, या ठहर ठहर- कर उच्चारण करना । पाठन -संज्ञा पुं० पढ़ाने की क्रिया या भाव | पढ़ाना । अध्यापन । पाठशाला - संज्ञा स्त्री० वह स्थान जहां पढ़ाया जाय। मदरसा । विद्या- लय । चटसाल । पाठा - संज्ञा पुं० जवान और परिपुष्ट । हृष्ट-पुष्ट | मोटा-तगड़ा | पाठी - संज्ञा पुं० १. पाठ करनेवाला । पाठक | पढ़नेवाला । २. चीता । ૪૯ चित्रक वृक्ष | पात पाठ्य - वि० १. पढ़ने योग्य । पठनीय । २. जो पढ़ाया जाय । पाड़ - संज्ञा पुं० १. धोती आदि का किनारा । २. मचान । ३. वह जाली जो कुएँ के मुँह पर रखी रहती है । ४. बधि । पुश्ता । ५ वह तख्ता जिस पर खड़ा करके फांसी दी जाती है । तिकठी । पाड़ा - मंशा पुं० महल्ला । पाढ़-संज्ञा पुं० १ पाटा । २. वह मचान जिस पर फसल की रखवाली के लिये खेतवाला बैठता है । पाढर, पाढल - संज्ञा पुं० पाडर का पेड़ । पाणि-संज्ञा पुंग हाथ कर पाणिग्रहण - संज्ञा पुं० विवाह की एक रीति जिसमें कन्या का पिता उसका हाथ वर के हाथ में देता है । पाणिज - संज्ञा पुं० १. उँगली । २. नख । नाखून | पाणिनि-संज्ञा पुं० एक प्रसिद्ध मुनि जो ईसा से प्रायः तीन-चार सौ वर्ष पूर्व हुए थे और जिन्होंने श्रष्टा- ध्यायी नामक प्रसिद्ध व्याकरण ग्रंथ की रचना की थी । पाणी - संज्ञा पुं० दे० " पाणि" । पातंजल - वि० पतंजलि का बनाया हुश्रा ( योगसूत्र या व्याकरण महा- भाष्य ) । संज्ञा पुं० १. पतंजलि - कृत येोगसूत्र | २. पतंजलि -प्रणीत महाभाष्य । पात -संज्ञा पुं० १. गिरने या गिराने की क्रिया या भाव । पतन | २. नाश । ध्वंस । मृत्यु । ३. खगोल में वह स्थान जहाँ नक्षत्रों की कक्षाएँ