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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/४९०

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पुरंदर पुरंदर -संज्ञा पुं० इंद्र | पुरः - अव्य० १. आगे । २. पहले । पुर-संज्ञा पुं० [ खी० पुरी ] १. नगर । २. घर । ३. भुवन । संज्ञा पुं० कुएँ से पानी निकालने का चमड़े का डेल | पुरइन - संज्ञा स्त्री० पता । २. कमल । • १. कमल का पुरखा-संज्ञा पुं० [ खो० पुरखिन ] १. पूर्वज । २. घर का बड़ा बूढ़ा | पुरज़ा - संज्ञा पुं० १. टुकड़ा । २. काग़ज़ का टुकड़ा जिसमें बनियों का हिसाब लिखा जाता है । ३. कटा टुकड़ा । ४ अंश । पुरबला, पुरबुला | वि० [ खी० पुर बली, पुरबुली ] पहले का । पुरबिया - वि० [स्त्री० पुरबिनी ] पूरब का । पुरवट + - संज्ञा पुं० चरसा । मोट । पुर । पुरवना- क्रि० स० १. भरना । २. पूरा करना । - क्रि० प्र० पूरा होना । पुरवा - संज्ञा पुं० छोटा गाँव । संज्ञा पुं० पूर्व दिशा से चलनेवाली वायु । 1 की संज्ञा पुं० मिट्टी का कुल्हड़ | पुरवाई, पुरवैया - संज्ञा श्री० वह वायु जो पूर्व से चलती है पुरश्चरण- संज्ञा पुं० किसी कार्य की सिद्धि के लिये पहले से ही उपाय सोचना और अनुष्ठान करना । पुरसा - संज्ञा पुं० साढ़े चार या पांच हाथ की एक नाप । पुरस्कार-संज्ञा पुं० [वि० पुरस्कृत ] १. आदर । २. उपहार । पुरस्कृत - वि० १. पूजित । २. जिसे इनाम या पुरस्कार मिला हो । ર पुरा-अव्य० पुराने समय में । वि० प्राचीन । पुरुष पुराकल्प-संज्ञा पुं० १. पूर्वकल्प । २. प्राचीन काल | पुराकृत - वि० पूर्व काल में किया हुआ । पुराण - वि० प्राचीन । संज्ञा पुं० हिंदुओ के धर्मं-संबंधी प्रा- ख्यान- ग्रंथ जिनमें सृष्टि, लय और प्राचीन ऋषियों आदि के वृत्तांत रहते हैं। ये अठारह हैं । पुरातत्व-संज्ञा पुं० प्राचीन काल-संबंधी विद्या | पुरातन - वि० प्राचीन | संज्ञा पुं० विष्णु । पुराना - वि० [स्त्री० पुरानी ] १. बहुत दिनों का । २. जो बहुत दिनों का होने के कारण अच्छी दशा में न हो । ३. जिसका अनुभव बहुत दिनों का हो । क्रि० ० स० १. पूरा कराना। २. पासन कराना । पुरारि - संज्ञा पुं० शिव । पुरावृत- संज्ञा पुं० पुराना वृत्तांत | इतिहास | पुरी-संज्ञा बी० १. नगरी । २. जग- नाथपुरी । पुरीष-संज्ञा पुं० मल । गू । पुरु-संज्ञा पुं० १. देवले कि । २. पराग । ३. एक प्राचीन राजा जो नहुष के पुत्र ययाति के पुत्र भे 1 पुरुष - संज्ञा पुं० १. मनुष्य । २. आत्मा । ३. पति । ४. व्याकरण में सर्वनाम और तदनुसारिणी क्रिया के रूपों का वह भेद जिससे यह निश्चय होता है कि सर्वनाम या क्रियापद वाचक