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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/४९३

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पूआ पूँजी हो या जो किसी काम में पूँजी पूत - वि० पवित्र । लगावे । 1 पुत्रा - संज्ञा पुं० एक प्रकार की पूरी जो आटे को गुड़ या चीनी के रस में घोलकर घी में छानी जाती है पूग-संज्ञा पुं० सुपारी का पेड़ या फळ । पूगी-संज्ञा त्रो० सुपारी । पूगीफल - संज्ञा पुं० सुपारी । पूछ- मंशा खो० १ पूछने का भाव । २. खोज । ३. श्रादर । पूछ-ताछ - संज्ञा स्त्री० किसी बात का पता लगाने के लिये बार बार पूछना | पूछना - क्रि० स० १. जिज्ञासा करना । २. खोज - ख़बर लेना । खाज-ख़बर ३. श्रादर करना । पूछ-पाछ-संज्ञा स्त्री० दे० "पूछ-ताछ " । पूछताछी, पूछापाछी-संज्ञा स्त्री० दे० "पूछताछ" । ' पूजन-संज्ञा पुं० [वि० पूजक, पूजनीय, पूजितव्य, पूज्य ] १. पूजा की क्रिया । श्राराधना । २. आदर । पूजना - क्रि० स० १. आराधन करना । २. आदर-सत्कार करना । ३. रिश । वत देना । - क्रि० प्र० १. पूरा होना । २. समाप्त होना । पूजनीय - वि० १. पूजने योग्य । २. आदरणीय । पूजा-संज्ञा की ० १ धाराधन । २. भादर-सत्कार । पूजित - वि० [ श्री० पूजिता ] जिसकी पूजा की गई हो । पूज्य - वि० [स्त्री० पूज्या ] १. पूजा के योग्य । २. आदर के योग्य । पूज्यपाद - वि० अत्यंत मान्य । पूड़ी-संज्ञा खी० दे० "पूरी” । संज्ञा पुं० बेटा । । पूरा पूतना-संज्ञा स्त्री० एक दानवी जो कैस के भेजने से बालक श्रीकृष्ण को मारने के लिये गोकुल आई थी । इसे कृष्णा ने मार डाला था । पूतरा - संज्ञा पुं० दे० "पुतला " । संज्ञा पुं० पुत्र | पूनी-संज्ञा स्त्री० धुनी हुई रूई की वह बत्ती जो चरखे पर सूत कातने के लिये तैयार की जाती है । पूर - वि० १. दे० "पूर्ण" । २. वे मसाले या दूसरे पदार्थ जो किसी पकवान के भीतर भरे जाते हैं 1 पूरक - वि० पूरा करनेवाला | पूरण- पंज्ञा पुं० [वि० पूरणीय ] १. भरने की क्रिया । २. समाप्त या तमाम करना । ३. श्रंकों का गुणा करना । वि० पूरा करनेवाला । पूरनपूरी -संज्ञा स्त्री० एक प्रकार की मीठी कचौरी । । पूरनमासी - संज्ञा स्त्री० दे० "पूर्ण मासी”। पूरना+ - क्रि० स० १. पूर्ति करना । २. सिद्ध करना । ३. चौक बनाना । क्रि० प्र० भर जाना । पूरब-संज्ञा पुं० वह दिशा जिसमें सूर्य का उदय होता है । पूरबल 2+ - संज्ञा पुं० 2. पुराना ज़माना । २. पूर्वजन्म | पूरबला - वि० पुं० [स्त्री० पूरबलौ ] १. पुराना । २. पहले जन्म का । पूरबी - वि० दे० "पूर्वो" । संज्ञा पुं० एक प्रकार का दादरी । ( बिहार ) पूरा - वि० पुं० [श्री० पूरी ] १. भरा ।