पेश्तर ४८६ संज्ञा स्त्री० शरीर के भीतर मांस की पैठारी - संज्ञा श्री० गुरुथी या गाँठ । पेश्तर - क्रि० वि० पहले । पेषण - संज्ञा पुं० पीसना । पैंजनी - संज्ञा बी० झन झन बजने वाला एक गहना जो पैर में पहना जाता है । पठ-संज्ञा खो० हाट | पैंठार | संज्ञा पुं० दुकान । पैंड़-संज्ञा पुं० १. क़दम । २. पथ । पेंड्रा - संज्ञा पुं० १. रास्ता । साल । | पंत संज्ञा स्त्री० बाज़ी | । २. घुड़- पती संज्ञा स्त्री० कुश का छल्ला | पवित्री । वैभव्य ० १ पर - • २. निश्चय । ३. पीछे । ४. पास । ५. प्रति । प्रत्य० अधिकरण-सूचक एक विभक्ति । पर । संज्ञा स्त्री० दोष | संज्ञा पुं० दे० "पय" । पैकरमा⊥-संज्ञा स्त्री० दे० "परि- क्रमा" । पैकार-संज्ञा पुं० छोटा व्यापारी । पैखाना - संज्ञा पुं० दे० " पाखाना" । पैग़बर - संज्ञा पुं० मनुष्यों के पास ईश्वर का संदेसा लेकर श्रानेवाला । पैजः -संज्ञा बी० प्रतिज्ञा । वैजामा-संज्ञा पुं० दे० " पायजामा " । पजार-संज्ञा स्त्री० जूता । पैठ - संज्ञा स्त्री० १. प्रवेश । २. पहुँच । पैठना- क्रि० प्र० घुसना । पैठार+* -संज्ञा पुं० १. पैठ । २. फाटक । पैरा पैठारी | - संज्ञा बी० १. पैठ । २. पहुँच | पैडी - संज्ञा बी० सीढ़ी 1 पैतरा - संज्ञा पुं० वार करने का ठाट । पैतृक - वि० पुरखों का । पैदल - वि० जो पाँवों से चले । क्रि० वि० पैरों से । संज्ञा पुं० १. पा पावँ चलना । २. पैदल सिपाही । पैदा- वि० १. उत्पन्न । २. प्रकट । ३. प्राप्त । संज्ञा स्त्री० आय | पैदाइश -संज्ञा स्त्री० उत्पत्ति | पैदाइशी - वि० १. जन्म का । २. स्वाभाविक । पैदावार - संज्ञा स्त्री० उपज । पैना - वि० [स्त्री० पैनी ] धारदार । संज्ञा पुं० १. हलवाहों की बैल हाँकने की छोटी छड़ी । २. लोहे का नुकीला छड़ । पैमाइश - संज्ञा स्त्री० मापने की क्रिया या भाव । माप । पैमाना -संज्ञा पुं० मापने का औज़ार या साधन । पैयाँ -संज्ञा खी० पावँ । पैर -संज्ञा पुं० १. वह अंग जिससे प्राणी चलते-फिरते हैं २. धूल आदि पर पड़ा हुआ पैर का चिह्न । पैर-गाड़ी - संज्ञा स्त्री० वह हलकी गाड़ी जो बैठे बैठे पैर दबाने से चलती है । पैरना- क्रि० प्र० तैरना । पैरवी - संत्री० १. अनुगमन । २. कोशिश । पैरवीकार-संशा पुं० पैरवी करने- वाला । पैरा -संज्ञा पुं० १. पढ़े हुए चरण । 1
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