प्रतिवेश - प्रतिवेश-संज्ञा पुं० पड़ोस । प्रतिवेशी - संज्ञा पुं० पड़ोस में रहने- वाला । पड़ोसी । प्रतिशब्द संज्ञा पुं० प्रतिध्वनि । प्रतिशोध-संज्ञा पुं० वह काम जो किसी बात का बदला चुकाने के लिये किया जाय । बदला । प्रतिषेध-संज्ञा पुं० [वि० प्रतिषिद्ध, प्रतिषेधक ] १. निषेध । मनाही । २. खंडन । प्रतिष्ठा - संज्ञा स्त्री० १. देवता की ४६७ प्रतिमा की स्थापना । २. मान- मर्यादा | गौरव । ३. श्रादर । सत्कार । इज्जत | प्रतिष्ठान - संज्ञा पुं० स्थापित या 'प्रति- ष्ठित करना | प्रतिष्ठानपुर - संज्ञा पुं० १. एक प्राचीन नगर जो गंगा-यमुना के संगम पर वर्त्तमान भूसी नामक स्थान के पास था । २. गोदावरी के तट का एक प्राचीन नगर । प्रतिष्ठित - वि० १. श्रादर प्राप्त । इज्ज़तदार । २. जो स्थापित किया गया हो । प्रतिस्पर्द्धा - संज्ञा खो० किसी काम में दूसरे से बढ़ जाने का उद्योग । लाग-डाँट । चढ़ा ऊपरी । प्रतिस्पद्ध-संज्ञा पुं० मुकाबला या बराबरी करनेवाला । प्रतिहार - संज्ञा पुं० १. दरबान | ब्योढ़ीदार | दरवाजा । द्वारपाल । २. द्वार । प्रतिहारी - संज्ञा पुं० [स्त्री० प्रतिहारिणी] द्वारपाल | डेबढ़ीदार । प्रतीक- संज्ञा पुं० पता । चिह्न । निशान । प्रतीकार-संज्ञा पुं० प्रतिकार । ३२ प्रत्यक्षवादी प्रतीक्षा-संज्ञा श्री० किसी कार्य्य होने या किसी के आने की आशा में रहना । प्रत्याशा । श्रासरा इंतज़ार | प्रतीची-संशा श्री० पश्चिम दिशा । प्रतीच्य - वि० पश्चिमी । प्रतीत - वि० ज्ञात । विदित । जाना हुधा । प्रतीति-संज्ञा श्री ० १. ज्ञान । जानकारी । २. विश्वास । प्रतीप-संज्ञा पुं० प्रतिकूल घटना । आशा के विरुद्ध फल । प्रतीयमान- वि० जान पड़ता हुआ । प्रतुद्द - संज्ञा पुं० वे पक्षी जो अपना भक्ष्य चोंच से तोड़कर खाते हैं । प्रताली - संज्ञा स्त्री० १. चौड़ी सड़क । शाहराह । २. गली । कूचा । ३. दुर्ग का द्वार | प्रत्यंचा / - संज्ञा स्त्री० धनुष की डोरी जिसमें लगाकर बाय छोड़ा जाता है । चिल्ला | १. जो प्रत्यक्ष - वि० [ संज्ञा प्रत्यक्षता ] १. देखा जा सके । जो घाँखों के २. जिसका ज्ञान सामने हो । इंद्रियों से हो सके । संज्ञा पुं० चार प्रकार के प्रमाणों में से एक । क्रि० सामने | वि० श्रींखों के आगे । प्रत्यक्षदर्शी - संज्ञा पुं० १. वह जिसने प्रत्यक्ष रूप से कोई घटना देखी हो । २. साक्षी । गवाह । प्रत्यक्षवादी संज्ञा पुं० [ श्री० प्रत्यक्ष- - [स्त्री० वादिनी ] वह व्यक्ति जो केवल प्रत्यक्ष प्रमाण माने, और कोई प्रमाण न माने ।
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