प्रत्यय प्रत्यय - संज्ञा पुं० १. विश्वास । एत- बार । २. व्याकरण में वह अक्षर या अक्षर-समूह जो किसी धातु या मूल शब्द के अंत में, उसके अर्थ में कोई विशेषता उत्पन्न करने के उद्देश्य से, लगाया जाय । जैसे, मूर्खता में "ता" प्रत्यय है । प्रत्याख्यान -संज्ञा पुं० १. खंडन । २. निराकरण | प्रत्यागत- वि० जो लौट आया हो । प्रत्यावर्त्तन-संज्ञा पुं० लौट श्राना । प्रत्याशा - संज्ञा स्त्री० श्राशा । उम्मेद | प्रत्याहार - संज्ञा पुं० इंद्रियनिग्रह | योग के आठ अंगों में से एक श्रंग । प्रत्युत् - अव्य० बल्कि | वरन् । इसके विरुद्ध । प्रत्युत्पन्न - वि० जो ठीक समय पर उत्पन्न हो । प्रत्यूष -संज्ञा पुं० प्रभात । तड़का | प्रत्येक - वि० समूह अथवा बहुतों में से हर एक, अलग अलग । प्रथम - वि० १. जो गिनती में सबसे पहले श्रावे | पहला । २. सर्वश्रेष्ठ । सबसे अच्छा । क्रि० वि० पहले । पेश्तर । श्रागे । प्रथम पुरुष - संज्ञा पुं० दे० " उत्तम पुरुष-संज्ञा पुरुष" । प्रथमा -संज्ञा स्त्री० १. मदिरा | शराब । (तांत्रिक) २. व्याकरण का कर्त्ता - कारक । प्रथा-संज्ञा स्त्री० रीति । नियम । रिवाज | प्रद - वि० देनेवाला । जो दे । दाता । ( यौगिक में ) जैसे, आनंदप्रद । में) ४६८ प्रदेश प्रदक्षिण- संज्ञा प्रदक्षिण- संज्ञा पुं० देवमूर्ति आदि के चारों ओर घूमना । परिक्रमा | प्रदत - वि० दिया हुआ । प्रदर-संज्ञा पुं० स्त्रियों का एक रोग जिसमें उनके गर्भाशय से सफ़ ेद या लाल रंग का लसीदार पानी सा बहता है । प्रदर्शक - संज्ञा पुं० दिखलानेवाला । प्रदर्शन- संज्ञा पुं० दिखलाने का काम । प्रदर्शिनी - संज्ञा खो० वह स्थान जहाँ तरह तरह की चीजें लोगों को दिखलाने के लिये रखी जायँ । नुमाइश । प्रदान - संज्ञा पुं० १. २. दान । प्रदाह - संज्ञा पुं० ज्वर देने की क्रिया । आदि के कारण कारण शरीर में दाह । श्रथवा और किसी होनेवाली जलन | प्रदीप-संज्ञा पुं० १. दीपक । दीधा । २. रोशनी । प्रकाश । प्रदीपक-संज्ञा पुं० [स्त्री० प्रदीपिका ] प्रकाश में लानेवाला । प्रकाशक । प्रदीपन -संज्ञा पुं० १ उजाला करना । २. उज्ज्वल करना । चम- काना । प्रदीप्त - वि० जगमगाता हुआ । प्रका- शवान् । प्रदीप्ति - संज्ञा स्त्री० रोशनी । प्रकाश । प्रदेश -संज्ञा पुं० १. किसी देश का वह बड़ा विभाग जिसकी भाषा, रीति-व्यवहार, शासन पद्धति श्रादि उसी देश के अन्य विभागों की इन सब बातों से भिन्न है। । प्रांत । सूबा । २. स्थान । जगह । मुकाम ।
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