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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/५१५

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प्रेक्षण ५०७ प्रोषित नायक या पति प्रेक्षण - संज्ञा पुं० १. आँखि | २. देखने की क्रिया । प्रेमपात्र - संज्ञा पुं० वह जिससे प्रेम किया जाय । प्रेक्षा - संज्ञा खी० १. देखना | २. निगाह । दृष्टि । प्रेक्षागार, प्रेक्षागृह - संज्ञा पुं० १. राजाओं श्रादि के मंत्रणा करने का स्थान | मंत्रणागृह । २ नाट्य- शाक्षा । प्रेत-संज्ञा पुं० १. मरा हुआ मनुष्य | मृतक प्राणी | २. नरक में रहने- वाला प्राणी । ३. पिशाचों की तरह की एक कल्पित देवयोनि । प्रेतकर्म-संज्ञा पुं० हिंदुनों में मृतदाह आदि से लेकर सपिडी तक का कर्म । प्रेतकाय्यै । प्रेतगृह - संज्ञा पुं० १. श्मशान । २. करिस्तान | का वह प्रेतत्व-संज्ञा पुं० प्रेत का भाव या धर्म | प्रेतदाह-संज्ञा पुं० मृतक को जलाने श्रादि का कार्य । प्रेतदेह - संज्ञा पुं० मृतक कल्पित शरीर जो उसके मरने के समय से सपिंडी तक उसकी आत्मा को प्राप्त रहता है। प्रेतनी-संज्ञा स्त्री० भूतनी । चुड़ैल । प्रेतलोक-संज्ञा पुं० यमपुर । प्रेत विधि-संज्ञा स्त्री० मृतक का दाह आदि करना । प्रेताशौच-संज्ञा पुं० वह श्रशौच जो हिं दुधों में किसी के मरने पर उसके संबंधियों आदि को होता है । प्रेती - संज्ञा पुं० प्रेत की उपासना करनेवाला । प्रेतपूजक । प्रेम -संज्ञा पुं० स्नेह । अनुराग । प्रीति । मुहब्बत | माशूक | प्रेमालाप - संज्ञा पुं० वह बातचीत जो प्रेमपूर्वक हो । प्रेमालिंगन - संज्ञा पुं० प्रेमपूर्वक गले लगाना । प्रेमाश्रु - संज्ञा पुं० वे आँसू जो प्र ेम के कारण खों से निकलते हैं । प्रेमी संज्ञा पुं० १. प्रेम करनेवाला । २. प्राशिक । श्रासक्त । प्रेयसी - संज्ञा स्त्री० प्रेमिका । प्रेरक-संज्ञा पुं० किसी काम में प्रवृत्त या प्रेरणा करनेवाला | प्रेरणा-संज्ञा स्त्री० कार्य में प्रवृत्त या नियुक्त करना । उत्तेजना देना । प्रेरणार्थक क्रिया-संज्ञा स्त्री० क्रिया का वह रूप जिससे क्रिया के व्यापार के संबंध में यह सूचित होता है कि वह किसी की प्रेरणा से कर्त्ता के द्वारा हुआ है । जैसे, लिखना का प्रेरणार्थक लिखवाना | प्रेरित - वि० भेजा हुआ । प्रेषित । प्रेषक-संज्ञा पुं० भेजनेवाला । प्रेषण - संज्ञा पुं० १. प्रेरणा करना । २. भेजना । प्रोक्षण-संज्ञा पुं० पानी छिड़कना । प्रोत - वि० १. किसी में अच्छी तरह मिला हुआ । २. छिपा हुआ । प्रोत्साह - संज्ञा पुं० बहुत श्रधिक उत्साह या उमंग । प्रोत्साहन - संज्ञा पुं० [ वि० प्रोत्साहित ] खूब उत्साह बढ़ाना । हिम्मत बँधाना | प्रोषित - वि० जो विदेश में गया हो । प्रवासी । प्रोषित नायक, या पति-संज्ञा पुं०