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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/५२४

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फुफेरा ५१६ फुहारा फुफेरा - वि० फूफा से उत्पन्न । जैसे, फुलवर - संज्ञा पुं० एक प्रकार का रेशमी बूटी का कपड़ा । फुलवाई - संज्ञा स्त्री० दे० " फुलवारी" । फुलवारी - संज्ञा स्त्री० पुष्पवाटिका । फुफेरा भाई । फुर - वि० सत्य । सचा । संज्ञा स्त्री० उड़ने में परों का शब्द । फुलहारा - संज्ञा पुं० माली । फुरती हो । फुरती - संज्ञा बी० शीघ्रता । तेज़ी । फुरतीला - वि० जिसमें तेज । फुरफुराना- क्रि० स० १. " फुर फुर " करना । उड़कर परों का शब्द करना । २. हवा में लहराना । क्रि० भ० किसी हलकी वस्तु का हिलना जिससे फुरफुर शब्द हो । . फुरसत - संज्ञा स्त्री० १. श्रवसर । २. अवकाश | छुट्टी | फुरहरी - संज्ञा खो० कर फड़फड़ाना । ३. कपड़े आदि के की क्रिया या शब्द । ४. कँपकँपी । ५. दे० " फुरेरी" । फुराना :- क्रि० स० १. सच्चा ठह राना। ठीक उतारना । २. प्रमा णित करना । 5. पर को फुला- ५. पर को फुला - २. फड़फड़ाहट | हवा में हिलने क्रि० अ० दे० "फुरना" । फुरेरी - संज्ञा स्त्री० १. वह सींक जिसके सिरे पर हलकी रुई लपेटी हो, और जो इन, दवा आदि में डुबाकर काम में लाई जाय । २. रोमांच युक्त कंप | फुलका - संज्ञा पुं० १. फफोला । छाला । २. हलकी और पतली रोटी | चपाती । फुलचुही - संज्ञा स्त्री० काले रंग की एक चमकती हुई चिड़िया । फुलझड़ी-संज्ञा खी० एक प्रकार की प्रातशबाजी । । फुलाना - क्रि० स० ० स० किसी वस्तु के विस्तार को उसके भीतर वायु आदि का दबाव पहुँचाकर बढ़ाना । फुलाव - संज्ञा पुं० फूलने की क्रिया या भाव । उभार या सूजन । फुलिंग-संज्ञा पुं० चिनगारी । फुलिया - संज्ञा स्त्री० १. किसी कील या छड़ के श्राकार की वस्तु का फूल की तरह का गोल सिरा । २. एक प्रकार का लौंग । (गहना) फुलेल - संज्ञा पु० फूलों की महक से बासा हुआ सिर में लगाने का तेल । सुगंधयुक्त तेल | -- फुलेहरा- संग पुं० सूत, रेशम आदि के बंदनवार जो उत्सवों में द्वार पर लगाये जाते हैं । फुलैौरी-संज्ञा स्त्री० चने या मटर आदि के बेसन की पकोड़ी । फुस - संज्ञा स्त्री० धीमी आवाज़ | फुसफुसा - वि० १. जो दबाने से बहुत जल्दी चूर चूर हो जाय । २. कम- ज़ोर | फुसफुसाना- क्रि० स० बहुत ही दबे हुए स्वर से बोलना । फुसलाना- क्रि० स० अनुकूल या संतुष्ट करने के लिये मीठी मीठी बातें कहना । चकमा देना । बहकाना । फुहार - संज्ञा बी० १. पानी का महीन छींटा । २. झींसी । फुहारा -संज्ञा पुं० १. जल का महीन छींटा । २. जल की वह टोंटी