बटोरना ५२६ बढ़ावा बटोरना - क्रि० स० १. समेटना । २. । जुटाना । बटोही - संज्ञा पुं० पथिक । बट्टा - संज्ञा पु० १. दलाली । दस्तूरी । २. खोटे सिक्के, धातु आदि के बेचने में वह कमी जो उसके पूरे मूल्य । में हो जाती है । ३. टोटा । संज्ञा पुं० [स्त्री० अल्पा० बट्टी, बटिया ] लोढ़ा । बट्टाखाता - संज्ञा पुं० डूबी हुई रकम का लेखा या बही । बट्टी- संज्ञा स्त्री० १. छोटा बट्टा । २. कूटने पीसने का पत्थर । बड़ - संज्ञा पु० बरगद का पेड़ । बड़प्पन -मज्ञा पुं० श्रेष्ठ या बड़ा होने का भाव । बड़बड़ - संज्ञा खो० बकवाद | बड़बड़ाना- क्रि० अ० १. बकवाद करना । २. कोई बात बुरी लगने पर मुँह में ही कुछ बोलना । बड़बोल, बड़बाला - वि० बढ़ बढ़- कर बातें करनवाला । बड़भाग, बड़भागी - वि० भाग्यवाला । उम्र ज्यादा हो । ३. अधिक परि- माय । ४. बुजर्ग । संज्ञा पुं० [स्त्री० अल्पा० बड़ी ] एक पकवान जो मसाला मिली हुई उर्द की पीठी की गोल टिकियों को तलकर बनाया जाता है । बड़ाई-संज्ञा स्रो० १. बड़े होने का भाव । २. बड़प्पन । २. महिमा | बड़ा दिन - संज्ञा पुं० २५ दिसंबर का दिन जो ईसाइयों का त्योहार है । बड़ी - वि० स्त्री० दे० "बड़ा" । संज्ञा स्त्री० कुम्हड़ौरी । बड़ी माता -संज्ञा स्त्री० चेचक । [स्त्री० बड़ेरी ] १. +-वि० बड़ा । २. प्रधान । संज्ञा पुं० [स्त्री० भल्पा० बड़ेरी] छाजन में बीच की लकड़ी । बढ़ई -संज्ञा पुं० काठ को गढ़कर अनेक बड़ेरा + - वि० | प्रकार के सामान बनानेवाला । बढ़ती - सज्ञा स्त्री० [हिं० बढ़ना + ती ( प्रत्य० ) ] १. तौल या गिनती में अधिकता । २. उन्नति । बड़े बढ़ना- क्रि० प्र० १. विस्तार या परिमाण में अधिक होना । २. तरक्की करना। ३. किसी स्थान से आगे जाना । ४ बंद होना । बढ़नी | -संज्ञा स्त्री० झाडू | बढ़ाना- क्रि० स० १ विस्तृत करना । २. फैलाना । ३. उन्नत करना । ४. श्रागे गमन कराना । ५. दूकान आदि बंद करना । ६. चिराग बुझाना | बड़रा - वि० बड़ा | बड़वाग्नि-संज्ञा पुं० समुद्रानि । समुद्र के भीतर की श्राग या ताप । बड़वानल - संज्ञा पुं० दे० "बड़वाभि" । बड़हन | - संज्ञा पुं० एक प्रकार का धान । बड़हल - संज्ञा पुं० एक बड़ा पेड़ जिसके फल छोटे शरीफ के बराबर, पर बड़े बेडौल होते हैं । बड़हार - संज्ञा पुं० विवाह के पीछे बरातियों की ज्योनार । बड़ा - वि० १. विशाल । २. जिसकी 51 कि० भ० चुकना । बढ़ाव - संज्ञा पुं० बढ़ने की क्रिया या भाव । बढ़ावा - संज्ञा पुं० १. प्रोत्साहन ।
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