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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/५३८

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बनाफर २. रूप परिवर्तित करके काम में थाने लायक़ करना । ३. कोई विशेष पद, मर्यादा या शक्ति प्रादि प्रदान करना । ४. अच्छी या उत दशा में पहुँचाना। ५. मरम्मत करना । ६. मूर्ख ठहराना । बनाफर - संज्ञा पुं० क्षत्रियों की एक जाति । बनावंत, बनावनत-संज्ञा पुं० विवाह करने के विचार से किसी लड़के और लड़की की जन्मपत्रियों का मिलान । बनाया - क्रि० वि० १. बिलकुल । २. अच्छी तरह से । बनाव-संज्ञा पुं० १. बनावट । २. श्रृंगार | ३. तरकीब । बनावट - संज्ञा स्त्री० १. रचना । थाडंबर | बनावटी - वि० बनाया हुआ । २. बनासपती - संज्ञा स्त्री० १. जड़ी बूटी, . , पत्र पुष्प इत्यादि । २. घास, साग- पात इत्यादि । बनिज-संज्ञा पुं० १. व्यापार । २. व्यापार की वस्तु । बनिजारिन, बनिजारी -संज्ञा खो० बनजारा जाति की स्त्री । बनित -संज्ञा स्त्री० बानक । वेष | बनिता - संज्ञा स्त्री० १. खी । पत्नी । बनिया -संज्ञा पुं० [स्त्री० बनियाइन ] १. व्यापार करनेवाला व्यक्ति । २. श्राटा, दाल आदि बेचनेवाला । बनियान -संज्ञा स्त्री० गंजी । बनिस्बत - अव्य० अपेक्षा | बनी -संज्ञा स्त्री० १. वनस्थली । बनी-संज्ञा २. ५३० वाटिका । २. बबुधा संज्ञा स्त्री० [हिं० बना ] दुलहिन । संज्ञा पुं० धनिया । बनीनी -संज्ञा स्त्री० बनिये की स्त्री । बनीरः--संशा पुं० बेंत K बनेठी - संज्ञा स्त्री० पटेबाज़ों की वह लंबी लाठी जिसके दोनों सिरों पर गोल लट्ट लगे रहते हैं । बनैला - वि० जंगली । बनोटी - वि० कपासी । बपी - संज्ञा पुं० बाप | बपमार - वि० १. वह जो अपने पिता को हत्या करे । २. सबके साथ धोखा करनेवाला | बपतिस्मा - संज्ञा पुं० ईसाई संप्रदाय का एक मुख्य संस्कार जो किसी व्यक्ति को ईसाई बनाने के समय किया जाता है । बपु-संज्ञा पुं० श्रवतार । १. शरीर । बपुख-संज्ञा पुं० शरीर । देह | बपुरा / - वि० बेचारा । २. बपौती - संज्ञा स्त्री० बाप से पाई हुई जायदाद । बप्पा + - संज्ञा पुं० पिता । बफारा - संज्ञा पुं० श्रौषध - मिश्रित | जल की भाप से शरीर के किसी रोगी श्रंग को सेंकना । बबर - संज्ञा पुं० सिंह | बबा - संज्ञा पुं० दे० "बाबा" | बबुआ - संज्ञा पुं० [स्त्री० बवुई ] १. बेटे या दामाद के लिये प्यार का संबोधन शब्द | २. रईस, जमीं- दार आदि । •