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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/५४०

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बरतरफ क्रि० स० काम में लाना । बर तरफ - वि० १. किनारे । २. बरखास्त | बरताना- क्रि० स० बांटना । बरताव - संज्ञा पुं० बरती - वि० जिसने व्रत रखा हो । बरतने का ढंग | उपवास किया या बर तार+-संज्ञा पुं० वह फुंसी या फोड़ा जो बाल उखाड़ने से हो । बरदाना - क्रि० स० जोड़ा खिलाना । बरदाश्त - संज्ञा स्त्री० सहन । बरधा सा पुं० बैल | बरने - संज्ञा पुं० दे० "वर्ण" । बरन नरः - सा g० दे० " वर्णन" । बरना- क्रि० स० १. ब्याहना । २. कोई काम करने के चुनना या नियुक्त दान देना । लिये विसीको करना । 1 क्रि० प्र० दे० "जलना" । बरप-संज्ञा की० दे० " बफ़ " । ३. बरफी-सज्ञा श्री० एक प्रकार की प्रसिद्ध चौकोर मिठाई | - बरबंड 1 वि० १. बलवान् । प्रतापशाली । २. बरबट - क्रि० वि० दे० " बरबस" । बरबर +-सा हो० बकबक | स्था पु० दे० " बर्बर" । बरबस - क्रि० वि० १. बलपूर्वक । २. व्यर्थ । बरबाद - वि० नष्ट | बरबादी - संज्ञा स्त्री० नाश । बरम:: - सा पु० कवच । बरमा - संज्ञा पुं० [स्त्री० अल्पा० बरमी ] कवी आदि में छेद करने का, ले। हे का, एक प्रसिद्ध थे।ज़ार । ५३२ बरही बरमी - संज्ञा पुं० बरमा देश का निवासी । संज्ञा खी० बरमा देश की भाषा । वि० • बरमा संबंधी । बरम्हा - संज्ञा पुं० १. दे० " ब्रह्मा" । २. दे० " बरमा" | बरवै - संज्ञा पुं० १६ मात्राओं का एक छंद । वृष्टि । २. एक वर्ष की बरषा:- सज्ञा स्त्री० १. वर्षा काल | बरषासन:- सज्ञा पुं० भोजन-सामग्री | बरस - सज्ञा पु० वध | वर्ष साल । बरसगाँठ-संज्ञा स्त्री० वह दिन जिसमे विसी का जन्म हुआ हो । जन्मदिन । बरसना- क्रि० स० वर्षा का जल गिरना । बरसाइत |-- ज्ञा श्री० जेठ बदी श्रमा- वस, जिस दिन स्त्रिय वट सावित्री का पूजन करती हैं । बरसात संज्ञा खो० वर्षा ऋतु । बरसाती - वि० बरसात का । सा पु० एक प्रकार का ढीला कपड़ा जिसे वर्षा के समय पहन लेने से शरीर नहीं भीगता | बरसाना - क्रि० स० वर्षा करना । बरसी - सज्ञा स्त्री० मृतक के उद्देश से किया जानेवाला वार्षिक श्राद्ध | बरसौहाँ - वि० बरसनेवाला । बरहा-मश पुं० [स्त्री० अल्पा० बरही ] ख्ता में सिंचाई के लिये बनी हुई छोटी नाली । संज्ञा पुं० मोटा रस्सा | संज्ञा पुं० मोर । बर ही-संभा पुं० मुरगा । १. मयूर । २.