सामग्री पर जाएँ

पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/५५४

विकिस्रोत से
यह पृष्ठ अभी शोधित नहीं है।

बासकसज्जा छोटे शस्त्र जो तोपों में भरकर फेंके जाते हैं । बासकसज्जा-संज्ञा स्त्री० वह नायिका जो अपने पति या प्रियतम के श्राने के समय केलि सामग्री सज्जित करे । बासन - संज्ञा पुं० बरतन | बासना - संज्ञा स्त्री० १. दे० " वासना" । महक । बू । २. गंध । क्रि० स० सुगंधित करना । बासमती -संज्ञा पुं० एक प्रकार का धान । इसका चावल पकने पर सुगंध देता है । काल । बासर - संज्ञा पुं० १. दिन | २. प्रात:- सुबह । ३. वह राग जो सबेरे गाया जाता है । बासव - संज्ञा पुं० इंद्र | बासा-संज्ञा पुं० वह स्थान जहाँ दाम देने पर पकी हुई रसोई मिलती है । सज्ञा पुं० दे० "बास" । बासी - वि० देर का बना हुआ। जो ताज़ा न हो । ( खाद्य पदार्थ ) बाहकी संज्ञा स्त्री० पालकी ले चलने- वाली स्त्री | कहारिन । बाहनी - संज्ञा श्री० सेना । बाहम - क्रि० वि० आपस में । बाहर - क्रि० वि० किसी निश्चित श्रथवा कल्पित सीमा या मय्यादा से हट कर, अलग या निकला हुआ । बाहरी - वि० १. बाहरवाला । २. पराया । गैर | । ३. ऊपरी । बाहिज-संज्ञा पुं० ऊपर से । देखने में । बाहिनी - संज्ञा बी० दे० "वाहिनी " । बाहु-संज्ञा स्त्री० भुजा । बाँह । बाहुक -संज्ञा पुं० १. राजा नल का उस समय का नाम जब वे अयोध्या ree बिंब २. के राजा के सारथी बने थे । नकुल । बाहुत्राण-संज्ञा पुं० वह दस्ताना जो युद्ध में हाथों की रक्षा के लिये पहना जाता है । बाहुबल - संज्ञा पुं० पराक्रम । बहादुरी । बाहुमल-संज्ञा पुं० कंधे और बांह का जोड़ | बाहुयुद्ध-संज्ञा पुं० कुश्ती । बाहुल्य - संज्ञा पुं० बहुतायत । अधि- कता । यान । बाहुहज़ार - संज्ञा पुं० दे० "सहस्रबाहु " | बाह्य - वि० बाहरी । बाहर का । सज्ञा पुं० १. भार ढोनेवाला पशु । २ सवारी । बाह्रीक - संज्ञा पुं० कांबोज के उत्तर प्रदेश का प्राचीन नाम । बतखु । बिंग + - संज्ञा पुं० दे० "व्यंग्य" । विजन-संज्ञा पुं० दे० "व्यंजन" । बिंद-संज्ञा पुं० १. पानी की बूँद । २. बिंदी । माथे का गोल तिलक । बिदा -संज्ञा स्त्री० एक गोपी का नाम । संज्ञा पुं० माथे पर का गोल और बड़ा टीका | बेंदा । बुंदा | । | बिंदी - संज्ञा बी सुना । शून्य | सिर । बिंदु | बिंधा - संज्ञा पुं० दे० " वि ंध्याचल" । बिधना- क्रि० प्र० बींधा जाना । छेदा जाना । बिंब - संज्ञा पुं० १. प्रतिबिंब | छाया । श्रकस । २. कमंडलु । ३. प्रति• मूर्ति । ४. कुंदरू नामक फक्ष । ५. सूर्य या चंद्रमा का मंडल । ६. कोई मंडल । ७. आभास | 5. एक प्रकार का छंद ।