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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/५७९

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भद्रक भद्रक - संज्ञा पुं० १. एक प्राचीन देश । २. एक वर्णवृत्त का नाम । भद्रकाली-संज्ञा श्री० दुर्गा देवी की दुर्गा देवी की एक मूर्ति । भद्रता - संज्ञा स्त्री० शिष्टता । सभ्यता | भलमनसी । भद्रा संज्ञा बी० १. फलित ज्योतिष के अनुसार एक श्रारंभ योग । २. बाधा । ( बोलचाल ) भनक-संज्ञा बी० १. धीमा शब्द । ध्वनि । २. उड़ती हुई ख़बर | भनकना - क्रि० स० कहना । भननाः- क्रि० स० कहना । भनभनाना- क्रि० प्र० भनभन शब्द करना। गुजारना । भनभनाहट - संज्ञा श्री० भनभनाने का शब्द । भबका - संज्ञा पुं० अर्क श्रादि उतारने का एक प्रकार का बंद बड़ा घड़ा | भभकना- क्रि० भ० 1. उबलना । २. जोर से जलना । भड़कना । भभकी- संज्ञा स्त्री० घुट्की । भब्भड़, भभ्भडू - संज्ञा स्त्री० भीड़- भाड़ । श्रव्यवस्थित जन समुदाय । भभरना - क्रि० भ० भयभीत होना । डरना । ५७१ भभूका - संज्ञा पुं० ज्वाला । भभूत-संज्ञा श्री० भस्म जिसे शैव लोग भुजाओं आदि पर लगाते हैं। भयंकर - वि० जिसे देखने से भय लगता हो । भयंकरता शाश्री० भयंकर होने का भाव | डरावनापन | भीषणता । भय-संज्ञा पुं० एक प्रसिद्ध मनेोविकार जो किसी श्रानेवाली भीषण आपत्ति भरता की आशंका से उत्पन्न होता है । डर । खौफ़ । भयप्रद - वि० दे० " भयानक" । भयभीत - वि० डरा हुआ । भयहारी - वि० डर छुड़ानेवाला । डर दूर करनेवाला । भयानक - वि० डरावना । भयानक - वि० जिसे देखने से भय लगता हो । भयाना- कि० अ० डरना । क्रि० स० भयभीत करना । डराना । भयावन - वि० डरावना । भयावह - वि० भयंकर | डरावना । भर - वि० पुरा । सब । भरकना - क्रि० प्र० दे० "भड़- कना" । भरण - संज्ञा पुं० पालन | पोषय | । भरणी - संज्ञा स्त्री० सत्ताईस नक्षत्रों में दूसरा नक्षत्र । भरत-संज्ञा पुं० १. कैकेयी के गर्भ से उत्पन्न राजा दशरथ के पुत्र और रामचंद्र के छोटे भाई जिनका विवाह माण्डवी के साथ हुआ था । २. शकुंतला के गर्भ से उत्पन्न दुष्यंत के पुत्र जिनका जन्म कश्यप ऋषि के आश्रम में हुआ था । इस देश का "भारतवर्ष” नाम इन्हीं के नाम से पड़ा है । ३. एक प्रसिद्ध मुनि जो नाट्यशास्त्र के प्रधान श्राचार्य माने जाते हैं । ४. संगीत शास्त्र के एक श्राचार्य का नाम । भरतखंड - संज्ञा पुं० राजा भरत के किए हुए पृथ्वी के नौ खंडों में से एक खंड । भारतवर्ष हिंदुस्तान । भरता-संज्ञा पुं० एक प्रकार का नम- ।