मज़बूत का लड़का जो लेखा नाम की कन्या पर आसक्त होकर उसके लिये पागल हो गया था । ३. प्रेमी । ४. प्रकार का वृक्ष । मज़बूत - वि० दृढ़ | मजबूर - वि० विवश । पुष्ट । ४. एक लाचार । मजबूरी - संज्ञा स्त्री० असमर्थता । बे- बसी । मजमा-संज्ञा पुं० बहुत से लोगों का जमाव । जमघट । मज़मून-संज्ञा पुं० १. विषय, जिस पर कुछ कहा या लिखा जाय । २. लेख | मजलिस-संज्ञा खौ ० १. जलसा । २. महफ़िल । रंग का स्थान | मज़हब - संज्ञा पुं० धार्मिक संप्रदाय | पंथ । मत । सभा । नाच- मज़ा - संज्ञा पुं० १. स्वाद । लज्ज़त | २. श्रानंद । मज़ाक़ - संज्ञा पुं० हँसी । ठट्ठा । मज़ार - संज्ञा पुं० १. समाधि । मकु- बरा । २. कृ । मजारी - संज्ञा खी० बिल्ली । मजाल - संज्ञा बी० सामर्थ्य | शक्ति | मजीठ-संशा खी० एक प्रकार की लता । इसकी जड़ और डंठलों से बाल रंग विकलता है । मजीठी-संज्ञा पुं० मजीठ के रंग का । लाल | सुख । मजीरा - संज्ञा पुं० बजाने के लिये कांसे की छोटी कटोरियों की जोड़ी । मजूरी + संज्ञा श्री० दे० " मजदूरी"। मज़ेदार - वि० १. स्वादिष्ठ | जायके- दार | २. बढ़िया । मज्ज संज्ञा बी० दे० "मज्जा" । ५६१ मटमैला मज्जन-संज्ञा पुं० स्नान । नहाना । मज्जा - संज्ञा स्त्री० नली की हड्डी के भीतर का गूदा । मझधार - संज्ञा बी० नदी के मध्य की धारा । मला - वि० बीच का । मभार - क्रि० वि० बीच में । मझियाना + - क्रि० प्र० नाव खेना । मल्लाही करना । क्रि० अ० बीच से होकर निकलना । मझोला - वि० १. ममला । बीच का । २. जो न बहुत बड़ा हो और न बहुत छोटा । मझोली - संज्ञा खो० एक प्रकार की बैलगाड़ी | मटक-संशा बी० १. गति । चाल । २. मटकने की क्रिया या भाव। मटकना - क्रि० भ० अंग हिलाते हुए चलना । लचककर नखरे से चलना । मटकनि:- संज्ञा स्त्री० १. दे० "मटक" । १. नाचना । नृत्य । ३. नखरा । मटका -संज्ञा पुं० मिट्टी का बड़ा घड़ा । मद । माट । मटकाना - क्रि० स० नखरे के साथ अंगों का संचालन करना । चमकाना । क्रि० स० दूसरे को मटकने में प्रवृत करना । मटकी -संज्ञा स्त्री० छोटा मटका । संज्ञा स्त्री० मटकने या मटकाने का भाव । मटकीला - वि० मटकनेवाला । मटकौश्रल - संज्ञा स्त्री० मटकाने की क्रिया या भाव | मटक । मटमैला - वि० मिट्टी के रंग का । खाकी । धूलिया |
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